कर्नाटक में शासकीय ठेकों में धर्म आधारित आरक्षण निंदनीय: CM साय

कांग्रेस शासित कर्नाटक में शासकीय ठेके में धर्म आधारित आरक्षण देना निंदनीय और अस्वीकार्य है। जहां भी दुर्भाग्य से कांग्रेस सत्ता में होती है, वह भारतीय संविधान का सबसे पहले गला घोंटने की कोशिश करती है। यह तुष्टीकरण की पराकाष्ठा है। धर्म आधारित आरक्षण के विरुद्ध वैसे भी अनेक बार…
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) March 15, 2025
बावजूद इसके, कांग्रेस सरकार द्वारा इस निर्णय को लागू करना समाज में वैमनस्यता फैलाने की कोशिश बताया जा रहा है। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधा जा रहा है। मांग की जा रही है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को इसे तत्काल वापस लेने का निर्देश देना चाहिए। इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे को भी कटघरे में खड़ा किया गया है। आलोचकों का कहना है कि वंचित समाज से आने के बावजूद वह सोनिया गांधी और राहुल गांधी के दबाव में अपने ही समाज के खिलाफ साजिशों में शामिल हो रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस फैसले को लेकर कानूनी चुनौती दी जा सकती है और आने वाले समय में यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।





