छत्तीसगढ़

रायपुर पुलिस ने Wash & Wash Black Currency Scam गिरोह का किया पर्दाफाश

Shantanu Roy
22 Aug 2026 7:37 PM IST
रायपुर पुलिस ने Wash & Wash Black Currency Scam गिरोह का किया पर्दाफाश
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर पुलिस ने देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय Wash & Wash Black Currency Scam गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 करोड़ रुपये से अधिक नगद रकम, मोबाइल फोन, काले नोट के आकार के पेपर, कांच की प्लेट और ठगी में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह वर्ष 2005 से सक्रिय था और देश के कई राज्यों में 100 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाकर अरबों रुपये की ठगी कर चुका है। आरोपी लोगों को कम समय में रकम दोगुनी करने और काले नोटों को केमिकल के जरिए असली नोट में बदलने का झांसा देकर ठगी करते थे।
रायपुर में 1.13 करोड़ की हुई थी ठगी
मामला थाना तेलीबांधा के अपराध क्रमांक 330/26 से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने रायपुर के एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाया था और उससे करीब 1.13 करोड़ रुपये की ठगी की थी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना तेलीबांधा की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने पहले दो महिला आरोपियों को नागपुर महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय और दीपिका पॉलीवाल शामिल थीं। उनके कब्जे से मोबाइल फोन, 26 हजार रुपये नगद, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड सहित अन्य सामग्री जब्त की गई थी।
डिजिटल जांच से मिला गिरोह का सुराग
महिला आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की। चैट, संपर्क नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। साइबर टीम की जांच में आरोपियों के आपसी संपर्क और ठगी के नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन पुणे में ट्रेस की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम को पुणे रवाना किया गया। टीम ने करीब एक सप्ताह तक वहां कैंप कर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी।
खंडाला रिसॉर्ट में रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी
पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी पुणे के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट में ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले हैं। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और वहां मौजूद 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी वाराणसी निवासी एक व्यक्ति को रकम दोगुनी करने का लालच देकर रिसॉर्ट में बुलाए थे। पीड़ित अपने साथ करोड़ों रुपये लेकर पहुंचा था और आरोपी उससे रकम ले चुके थे। पुलिस ने आरोपियों को ठगी करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों को पुणे से ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है।
गिरोह के मुख्य सरगना गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के मुख्य सरगना ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन उर्फ शेट्टी उर्फ रेड्डी और मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर हैं। आरोपी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव गिरोह में “कैप्टन” की भूमिका निभाता था, जबकि मनोज कुमार श्रीवास्तव को “बड़े सर” के नाम से जाना जाता था। गिरोह के अन्य सदस्यों की भी अलग-अलग जिम्मेदारियां तय थीं। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताते थे और बड़े नेताओं व फिल्मी कलाकारों के साथ फोटो दिखाकर पीड़ितों पर विश्वास कायम करते थे। कई बार वे निजी सुरक्षा कर्मियों के साथ घूमते थे ताकि लोगों पर प्रभाव बनाया जा सके।
पांच सितारा होटलों में बनाते थे शिकार
पुलिस के अनुसार, आरोपी दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद, हरियाणा, आगरा, राजस्थान, गुजरात और नागपुर जैसे शहरों के पांच सितारा होटलों में लोगों को बुलाते थे। आरोपी खुद को विदेशी निवेशकों और बड़े अधिकारियों से जुड़ा बताते थे। इसके बाद कंपनी में निवेश, फंड स्वीकृति और विदेशी तकनीक का हवाला देकर पीड़ितों को अपने जाल में फंसाते थे। गिरोह द्वारा Wash & Wash पद्धति का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपी काले रंग के नोट जैसे दिखने वाले कागजों को विशेष केमिकल से असली नोट में बदलने का झूठा प्रदर्शन करते थे। इसके लिए पहले से रखे असली नोटों का इस्तेमाल कर लोगों को भरोसा दिलाया जाता था। इसके बाद विदेशी केमिकल, तकनीकी प्रक्रिया, अनुमति और अन्य खर्चों के नाम पर अलग-अलग किश्तों में बड़ी रकम वसूली जाती थी।
पहले भी जेल जा चुके हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन और मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर पहले भी ठगी के मामलों में मुंबई और वाराणसी से जेल जा चुके हैं। आरोपियों के खिलाफ अन्य राज्यों में भी अपराध दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी
ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी निवासी गुड़गांव हरियाणा
प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन निवासी वाराणसी उत्तर प्रदेश
मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर निवासी वाराणसी उत्तर प्रदेश
विवेक सिंह निवासी वाराणसी उत्तर प्रदेश
शुभम पांडेय निवासी जौनपुर उत्तर प्रदेश
योगेंद्र चौहान निवासी जौनपुर उत्तर प्रदेश
बालमुकुंद दीक्षित निवासी जौनपुर उत्तर प्रदेश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से अंतर्राज्यीय ठगी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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