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Raipur. रायपुर। रायपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर रवि साहू और उसके परिवार की लगभग 7 करोड़ 66 लाख रुपये की चल-अचल संपत्तियों को SAFEMA/NDPS Act के तहत फ्रीज कर दिया गया है। इस कार्रवाई को सक्षम प्राधिकारी, मुंबई द्वारा भी कन्फर्म कर दिया गया है, जिसके बाद संपत्तियों पर पूरी तरह से कानूनी रोक लग गई है।
आरोपी रवि साहू, निवासी गांधीनगर कालीबाड़ी रायपुर, पहले ही एक बड़े गांजा तस्करी मामले में दोषी पाया जा चुका है। उसके खिलाफ 17 किलो 882 ग्राम गांजा तस्करी का मामला दर्ज था, जिसमें विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। यह मामला लंबे समय से जांच और कानूनी प्रक्रिया में था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि रवि साहू के साथ-साथ उसके परिवार के सदस्य भी इस संपत्ति मामले में शामिल हैं। जांच के दायरे में उसकी पत्नी शशि साहू और पुत्र को भी रखा गया है। इनके नाम पर रायपुर और अभनपुर क्षेत्र में कृषि भूमि, मकान, भवन और कमर्शियल वाहन जैसी कई संपत्तियां पाई गई हैं।
पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार, इन संपत्तियों की कुल कीमत आरोपी के ज्ञात आय स्रोतों से कई गुना अधिक है। इसी आधार पर विस्तृत वित्तीय जांच की गई और NDPS Act की धारा 68F के तहत कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए मामला SAFEMA प्राधिकरण को भेजा गया। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि संपत्तियों की खरीद-फरोख्त संदिग्ध आय के माध्यम से की गई हो सकती है। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी द्वारा ऑनलाइन सुनवाई की गई, जिसमें आरोपी पक्ष अपनी संपत्तियों के स्रोत को संतोषजनक तरीके से साबित नहीं कर सका।
इसके बाद 15 मई 2026 को सक्षम प्राधिकारी, मुंबई ने फ्रीजिंग आदेश को औपचारिक रूप से पुष्टि कर दिया। आदेश के अनुसार अब इन संपत्तियों को न तो बेचा जा सकता है, न ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर किया जा सकता है। किसी भी प्रकार की लेन-देन प्रक्रिया के लिए संबंधित प्राधिकरण की अनुमति अनिवार्य होगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नशा तस्करी नेटवर्क को आर्थिक रूप से कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा है। रायपुर पुलिस लगातार ऐसे मामलों पर नजर रखे हुए है, जहां नशे के कारोबार से अवैध संपत्ति अर्जित की जा रही है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि NDPS एक्ट के तहत अब केवल गिरफ्तारी या सजा ही नहीं, बल्कि अवैध संपत्तियों को जब्त और फ्रीज करने की कार्रवाई भी लगातार की जा रही है। इससे नशे के कारोबार की आर्थिक जड़ को कमजोर किया जा सके। इस कार्रवाई के बाद शहर में नशा तस्करों के खिलाफ सख्त संदेश गया है। पुलिस का कहना है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी व्यक्ति को अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने भी इस कदम को नशे के खिलाफ बड़ी उपलब्धि बताया है और कहा है कि इससे युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने में मदद मिलेगी।
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