छत्तीसगढ़

रायपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: नशीले पदार्थ तस्करी मामले में तीन आरोपियों को सजा

Shantanu Roy
2 Sept 2025 11:52 PM IST
रायपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: नशीले पदार्थ तस्करी मामले में तीन आरोपियों को सजा
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सांकेतिक तस्वीर (AI)

छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के जिला न्यायालय ने मंगलवार को नशीले पदार्थों की तस्करी के तीन अलग-अलग मामलों में कड़ा फैसला सुनाया। न्यायालय ने सभी तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए 5 से 10 साल तक की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही लाखों रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज सिन्हा की अदालत से सुनाया गया।
तीनों मामलों में आरोपियों को मिली अलग-अलग सजा
न्यायालय से मिली जानकारी के अनुसार
पहला मामला
कबीर नगर थाना क्षेत्र का है। इस मामले में आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ बाबू को दोषी करार दिया गया। आरोपी के पास से पुलिस ने 310 ग्राम अफीम बरामद की थी। अदालत ने गंभीर अपराध मानते हुए हरप्रीत सिंह को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा और 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
दूसरे मामले में आरोपी धरम रंधावा को दोषी पाया गया। यह मामला रायपुर आमानाका थाना क्षेत्र का है। धरम रंधावा के पास से पुलिस ने 1 किलो 50 ग्राम गांजा और 4 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। अदालत ने उसे 5 साल की सश्रम कारावास की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

तीसरे मामले में आरोपी साजन यादव को पुलिस ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा था। आरोपी के पास से पुलिस ने 700 किलो गांजा जब्त किया था। यह रायपुर जिले का चर्चित मामला रहा था। अदालत ने इस गंभीर अपराध में साजन यादव को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
नशीले पदार्थों की तस्करी पर न्यायालय की सख्ती
न्यायालय ने फैसले के दौरान साफ कहा कि समाज में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है और इसका बड़ा कारण अवैध तस्करी है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी अपराधियों को और बढ़ावा देगी। इसलिए अदालत ने सभी मामलों में कड़ी सजा सुनाई है।
पुलिस और न्यायालय की संयुक्त कार्रवाई
नशे के इन मामलों में पुलिस ने अलग-अलग समय पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट अदालत में पेश की गई। सभी मामलों की सुनवाई के बाद मंगलवार को अंतिम फैसला सुनाया गया।
नशे के खिलाफ संदेश
कानूनविदों का कहना है कि यह फैसला नशे के कारोबार में शामिल लोगों के लिए सख्त संदेश है। अदालत ने साफ कर दिया है कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
रायपुर में लगातार बढ़ रहे नशे के मामले
पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में रायपुर और आसपास के जिलों में गांजा, हेरोइन और अफीम की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। विशेष रूप से बस्तर और उड़ीसा सीमा से गांजे की सप्लाई रायपुर और अन्य शहरी इलाकों तक पहुंच रही है। ऐसे में अदालत का यह फैसला नशे की तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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