छत्तीसगढ़

रायपुर कोर्ट ने नवजात को चुराने वाली मां-बेटी को 10 साल की सजा हुई

Nil dhankar
29 Nov 2025 6:57 AM IST
रायपुर कोर्ट ने नवजात को चुराने वाली मां-बेटी को 10 साल की सजा हुई
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रायपुर। मौदहापारा थाना क्षेत्र स्थित आंबेडकर अस्पताल में लगभग 10 माह पहले हुई नवजात बच्ची चोरी के मामले में कोर्ट ने दो महिलाओं को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश बृजेश राय की अदालत ने आरोपी रानी साहू और उसकी बेटी पायल को यह सजा सुनाई, जबकि मामले में नामजद युवक को बरी कर दिया गया।

अतिरिक्त लोक अभियोजक जानकी बिल्थरे के अनुसार, रानी और पायल का पहचान अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज से हुई थी। केस डायरी के अनुसार, नवजात की मां नीता रात्रे तीन जनवरी को अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती हुई थी। उनकी देखभाल के लिए उनकी सास भी मौजूद थीं। आरोपितों ने अस्पताल में संदिग्ध तरीके से घूम-घूमकर नीता और उनकी सास के साथ घुल-मिलकर भरोसा जीत लिया और बच्ची को चोरी कर लिया। अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती अन्य महिलाओं ने बताया कि रानी और पायल नीता और उनकी सास के करीब आकर अपनी सहानुभूति बटोर रही थी। रानी ने बताया कि उनकी बहु का मेजर ऑपरेशन हुआ है और नवजात की मौत हो गई, ताकि नीता की सास का भरोसा जीत सके। चार जनवरी को नीता और उनकी सास लंच के बाद हाथ धोने गई, इसी दौरान रानी और पायल ने बच्ची चोरी कर ली। नवजात चोरी की जानकारी मिलते ही मौदहापारा थाना और क्राइम ब्रांच की टीमें सक्रिय हो गई। दोनों संदिग्ध महिलाओं को बिलासपुर जाने वाली लोकल ट्रेन में देखा गया। ट्रेन के रवाना होते ही पुलिस ने चेन स्नैचिंग कर उन्हें पकड़ लिया और थाने ले आई।

जांच में सामने आया कि रानी ने पहले भी अपनी एक बेटी को प्रयागराज में 50 हजार रुपये में बेच चुकी थी। पैसों की लालच में उन्होंने नीता की नवजात बच्ची को भी किसी दंपत्ति को बेचने की योजना बनाई थी। कोर्ट ने इस पूरी घटना को गंभीर मानते हुए मां-बेटी को 10-10 साल की कठोर सजा सुनाई है।

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