ट्रेन क्षमता को डबल करने की दूरदर्शी योजना में रायपुर शहर भी शामिल

रायपुर। भारतीय रेल यात्रा की मांग में तेजी से लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए, अगले 5 सालों में बड़े शहरों से नई ट्रेनें शुरू करने की क्षमता को मौजूदा लेवल से दोगुना करेगा। रेलवे का कहना है कि मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ाना होगा ताकि आने वाले सालों की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
2030 तक ओरिजिनेटिंग क्षमता को दोगुना करने का काम किया जाएगा। रेलवे, सूचना और प्रसारण, और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि हम यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने और भीड़ कम करने के लिए अलग-अलग शहरों में कोचिंग टर्मिनल का विस्तार कर रहे हैं, सेक्शनल और ऑपरेशनल क्षमताएं बढ़ा रहे हैं। इस कदम से हमारा रेलवे नेटवर्क अपग्रेड होगा और देश भर में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
मौजूदा टर्मिनलों को अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, स्टेबलिंग लाइन, पिट लाइन और पर्याप्त शंटिंग सुविधाओं के साथ बढ़ाया जाएगा। शहरी इलाके में और उसके आस-पास नए टर्मिनल पहचानना और उसका निर्माण होगा। रखरखाव की सुविधाएं, जिसमें मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। साथ ही ट्रैफिक सुविधा कार्यों, सिग्नलिंग अपग्रेडेशन, और विभिन्न पॉइंट्स पर बढ़ी हुई ट्रेनों को संभालने के लिए जरूरी मल्टीट्रैकिंग के साथ सेक्शनल क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।





