छत्तीसगढ़

Raipur Breaking: NDPS के 2 आरोपियों को मिली 10 साल की जेल, 1 लाख का जुर्माना

Shantanu Roy
2 Jan 2026 8:10 PM IST
Raipur Breaking: NDPS के 2 आरोपियों को मिली 10 साल की जेल, 1 लाख का जुर्माना
x
छग
Raipur. रायपुर। केंद्रीय जेल रायपुर में मंगलवार को दविन्दर सिंह नामक आरोपी को एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत 10 साल की कठोर कारावास की सजा और 1 लाख रुपये अर्थदंड के साथ जेल भेजा गया। यह कार्रवाई विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस.) पंकज कुमार सिन्हा के आदेशानुसार हुई। आरोपी दविन्दर सिंह पिता रणधीर सिंह, उम्र 38 वर्ष, निवासी खारून ग्रीन सिटी, पलाश 33, कुम्हारी, जिला दुर्ग छत्तीसगढ़, ने स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 21(B) के तहत दोष सिद्ध पाया गया था।

अदालत का आदेश और वारंट
अदालत ने आरोपी के विरुद्ध विशेष दंडिक (एन.डी.पी.एस.) कमांक 48/2021, थाना कबीर नगर, अपराध कमांक 35/2021 के मामले में सजा सुनाई। इसके तहत दविन्दर सिंह को 10 वर्ष का कठोर कारावास दिया गया और 1,00,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि आरोपी अर्थदंड अदा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त 2 वर्ष का कठोर कारावास भुगतना होगा।

जेल में तामीली प्रक्रिया
अदालत ने केंद्रीय जेल रायपुर के सुपरिन्टेंडेंट को वारंट जारी करते हुए निर्देश दिया कि आरोपी को हिरासत में लेकर दी गई सजा की पूरी तामीली विधिवत कानून के अनुसार की जाए। आरोपी द्वारा अन्वेषण और विचारण के दौरान न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा, जैसा कि दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 में उल्लेख है।

जुर्माना और IPC प्रावधान
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अर्थदंड का कोई हिस्सा बीच में वसूल या दाखिल हो जाता है, तो यह जुर्माना उस सजा की कटौती में शामिल माना जाएगा। इस प्रक्रिया में भारतीय दंड संहिता की धारा 68 और 69 लागू होगी, और किसी भी तरह की तामीली पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट अदालत को जमा करनी होगी।

नशा एवं अपराध नियंत्रण के संदर्भ में
इस मामले में दविन्दर सिंह पर गंभीर आरोप थे कि उसने नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार किया। एन.डी.पी.एस. एक्ट की धारा 21(B) के तहत यह अपराध विशेष गंभीर माना जाता है, जिसमें लंबे समय की कैद और आर्थिक दंड का प्रावधान है। अदालत ने इस सजा के माध्यम से न केवल आरोपी को दंडित किया, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी संदेश दिया कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त होना गंभीर अपराध है।

केंद्रीय जेल रायपुर में कार्यवाही
जेल प्रशासन ने अदालत के निर्देशानुसार आरोपी को हिरासत में लिया और सजा की पूरी तामीली सुनिश्चित की। जेल अधिकारियों ने आरोपी की सजा प्रारंभिक रिकॉर्डिंग की और इसके बाद वारंट पर हस्ताक्षर कर अदालत में रिपोर्ट जमा करने की प्रक्रिया पूरी की।

सजा का प्रभाव और संदेश
यह फैसला न केवल दविन्दर सिंह के लिए बल्कि पूरे राज्य में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबारियों के लिए चेतावनी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत दोष सिद्ध होने पर किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कठोर दंड सुनिश्चित किया जाएगा।
Next Story