छत्तीसगढ़
Raipur Breaking: शेयर ट्रेडिंग में 88 लाख की ठगी, कानपुर से आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
19 Oct 2026 5:13 PM IST

x
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रेंज साइबर थाना रायपुर की टीम ने दो अलग-अलग साइबर अपराधों में शामिल दो अंतर्राज्यीय आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। एक आरोपी पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर धोखाधड़ी की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। वहीं दूसरे आरोपी को शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर 88 लाख रुपए की ठगी के मामले में पकड़ा गया है। जांच में आरोपियों से जुड़े बैंक खाते के खिलाफ देश के विभिन्न 11 थाना और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत बड़ी कार्रवाई
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देशन में साइबर अपराधों में शामिल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रेंज साइबर थाना रायपुर की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो अलग-अलग मामलों की जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने फेसबुक, गूगल, मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों, बैंक खातों और व्हाट्सएप से प्राप्त जानकारी का विश्लेषण कर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
आईएएस अधिकारी के नाम से बनाई फर्जी फेसबुक आईडी
पहला मामला वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता सुशांत पनका ने पुलिस को सूचना दी थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने आईएएस अधिकारी के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई है। शिकायत के आधार पर राखी थाना में अपराध क्रमांक 153/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 336(3) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने फेसबुक, गूगल और मोबाइल कंपनियों से मिली जानकारी का तकनीकी विश्लेषण किया। इसके आधार पर आरोपी अर्जुन कुमार जाटव (23 वर्ष), निवासी हमीरपुर, उत्तर प्रदेश की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
कई अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की फर्जी आईडी के साक्ष्य
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अर्जुन कुमार जाटव अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाने और धोखाधड़ी की गतिविधियों में शामिल था। आरोपी के मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण में स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के कई महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने के साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस अब इन खातों और उनसे जुड़ी गतिविधियों की जांच कर रही है।
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 88 लाख की धोखाधड़ी
दूसरा मामला शेयर बाजार में निवेश के नाम पर बड़ी ठगी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता रश्मि शर्मा ने रेंज साइबर थाना रायपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उनसे 88 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। मामले में अपराध क्रमांक 14/2024 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5), 238, 111 और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप से जुड़े साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
फर्जी कंपनी के नाम पर खुलवाया बैंक खाता
पुलिस जांच में कानपुर निवासी प्रवीण कुमार दीक्षित (46 वर्ष) की भूमिका सामने आई। आरोप है कि प्रवीण अपने साथियों के साथ मिलकर दीक्षित एजेंसी नामक फर्जी कंपनी के माध्यम से बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी की रकम प्राप्त करने के लिए किया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी द्वारा इस्तेमाल बैंक खाते के संबंध में देश के विभिन्न 11 थाना और साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी मिली है। गिरफ्तार आरोपियों में अर्जुन कुमार जाटव, निवासी ग्राम पारा, तहसील मौदहा, जिला हमीरपुर और प्रवीण दीक्षित, निवासी पांडु नगर हंसनगर, कानपुर शामिल हैं। पुलिस को पूछताछ में अन्य संभावित आरोपियों के संबंध में भी जानकारी मिली है। इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। रेंज साइबर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Next Story





