छत्तीसगढ़

प्रतापगढ़ रोहित और वीरेंद्र तोमर के लिए सुरक्षित ठिकाना, छुपे होने की खबर

Nilmani Pal
28 July 2025 2:37 PM IST
प्रतापगढ़ रोहित और वीरेंद्र तोमर के लिए सुरक्षित ठिकाना, छुपे होने की खबर
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रायपुर। फरार परदेसिया बदमाश रोहित और वीरेंद्र तोमर को लेकर बड़ी खबर आ रही है, दोनों बदमाश भाइयों के प्रतापगढ़ में छुपे होने की खबर है। सूत्र यह बता रहे है कि यूपी के प्रतापगढ़ को बदमाश तोमर बंधुओं ने सुरक्षित ठिकाना बना लिया है। बता दें कि एक दिन पहले ही रायपुर निगम की टीम ने बदमाश तोमर बंधुओं द्वारा बनाए अवैध ऑफिस पर बुलडोजर चलाया है। दोनों पर एक बड़े राजनेता का हाथ होना इसकी चर्चा भी राजधानी में है।

सूदखोर रोहित तोमर निगरानी गुंडा बदमाश है। आरोपी के खिलाफ राजेंद्र नगर, तेलीबांधा, पुरानी बस्ती, कोतवाली और गुढ़ियारी में 9 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। आरोपी सूदखोरी, मारपीट, ब्लैकमेल के मामले में जेल भी जा चुका है। सूदखोर रोहित गोल्डन मैन के नाम से जिले में मशहूर है। रसूखदारी बनी रहे, इसलिए आरोपी अपने गिरोह के साथ समय-समय पर कार्यक्रमों में भी दिखता है।

रायपुर पुलिस ने तोमर ब्रदर्स के घर से करोड़ों का माल जब्त किया गया है। करीब 37 लाख कैश सोने-चांदी के जेवरात के अलावा हथियार भी मिले हैं। रोहित तोमर, वीरेंद्र तोमर और उनके परिवार पर सूदखोरी का आरोप है। पीड़ितों के थाने में दिए बयान के मुताबिक, इन लोगों ने उधार के एवज में भरा चेक, कोरा चेक, कोरे स्टाम्प पर साइन करवाया। पैसे की वसूली के लिए लगातार मारने की धमकी और जेल भेजने की धमकी दी। इसके साथ ही डरा धमकाकर औने पौने दाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई।

आरोपी जरूरतमंदों को पहले सामान्य ब्याज पर कर्ज देते हैं। कर्ज देते समय गारंटी के तौर पर कोरे स्टॉम्प पेपर में हस्ताक्षर करवा लेते हैं। ब्लैंक चेक और जमीन-जायदाद के दस्तावेज रख लेते हैं। मूल राशि चुका देने के बाद भी ब्याज वसूलते हैं। मना करने पर गुंडे भेजकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देते हैं। मूल राशि से कई गुना अधिक राशि वसूलते हैं। अवैध वसूली के लिए कई गुंडे रखते हैं। वसूली का पूरा काम रोहित की निगरानी में होता है। वसूली के लिए कई कर्जदारों का अपहरण करते थे। इसके बाद उनकी बेदम पिटाई करते थे। आरोपियों ने कारोबारियों, किसानों और नौकरीपेशा लोगों को कर्ज देकर जमकर वसूली की है। हालांकि दोनों के भय के चलते कोई शिकायत करने आगे नहीं आता।

तीन माह में 7 मामले दर्ज: मई से लेकर जुलाई तक आरोपी वीरेंद्र तोमर, रोहित तोमर और दोनों की पत्नी शुभ्रा व भावना तोमर के अलावा भतीजा दिव्यांश और अन्य उसके अन्य सहयोगियों के खिलाफ तेलीबांधा और पुरानीबस्ती थाने में 7 मामले दर्ज हुए हैं। इसमें ब्लैकमेलिंग, कर्जा एक्ट, वसूली, आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं।


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