छुटभैया नेताओं की निकल पड़ी दुकानदारी, सट्टेबाजों को थाने में बंद कराओ, फिर छुड़ाओ

ऑनलाइन सट्टा कारोबारियों को छुटभैय्या नेताओं ने पुलिस से छुड़ाया
अधिकारियों और आरोपियों के बीच सौदेबाजी से मामले को किया रफा-दफा
रायपुर। राजधानी के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र से एक बार फिर पुलिस और सट्टा कारोबारियों के बीच मिलीभगत का बड़ा मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, थाना इलाके में संचालित ऑनलाइन सट्टे का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने छापामार कार्रवाई में 11 मोबाइल, 3 लैपटॉप और एक लग्जरी थार गाड़ी समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से गजानंद एप और रेड्डी अन्ना एप के जरिए चलाए जा रहे अवैध ऑनलाइन सट्टे के ठोस सबूत भी मिले थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाने की बजाय पुलिस पर ही गंभीर आरोप लगने लगे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने आरोपियों से सेटिंग कर उन्हें छोड़ दिया। यही नहीं, आरोपियों के पास से जब्त मोबाइलों में सट्टे से जुड़ी करोड़ों की लेन-देन की जानकारी और लगभग 5 लाख रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन का डेटा मौजूद था, जिसे पुलिस अधिकारियों ने कथित रूप से खुद मोबाइल से मिटा दिया। आरोप है कि थाने के अधिकारियों और आरोपियों के बीच गुप्त सौदेबाजी कर मामले को रफा-दफा कर दिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रायगढ़ निवासी मुकेश महापत्र, बूढ़ा तालाब पुरानी बस्ती निवासी सत्यजीत चंद्राकर उर्फ सत्या, रायगढ़ निवासी प्रमोद विश्वास और रायगढ़ निवासी घनश्याम मलाकार के रूप में हुई थी। चारों आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन एप के जरिए राजधानी समेत प्रदेशभर में सट्टा कारोबार फैला रहे थे। गजानंद एप और रेड्डी अन्ना एप का इस्तेमाल कर यह नेटवर्क प्रतिदिन लाखों का टर्नओवर करता था।
नेटवर्क की कडिय़ाँ खाड़ी देशों तक
ऑनलाइन सट्टेबाज़ी रैकेट में पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में दावा किया है कि नेटवर्क की कडिय़ाँ खाड़ी देशों तक फैली हैं। पुलिस/साइबर सेल ने इस एंगल पर अलग से जांच शुरू कर दी है, ताकि फंडिंग, हैंडलर्स और टेक्निकल सपोर्ट चेन की पुष्टि हो सके। पुलिस ने हाल में छापों के दौरान कई मोबाइल फ़ोन, लैपटॉप, क्कढ्ढ/वॉलेट डिटेल्स और संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड बरामद किए। प्रारंभिक पूछताछ में कुछ आरोपियों ने स्वीकारा कि ऑपरेशन निर्देश और पेमेंट रूटिंग का हिस्सा विदेश-आधारित हैंडलर्स तय करते थे। जांच एजेंसियाँ अब अंतरराज्यीय से आगे बढक़र अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल की संभावना खंगाल रही हैं।
आरोपियों को बचाने केस को कमजोर कर दिया गया
पुलिस के शुरुआती खुलासे में इन चारों की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता बताया गया था। थार गाड़ी, 11 मोबाइल और 3 लैपटॉप जब्त कर इस कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि बताया गया। लेकिन गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद आरोपियों को छोड़ देने और मोबाइल से ट्रांजैक्शन डेटा मिटाने की बात सामने आते ही पूरे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों का दावा है कि मामले में सेटिंग कर आरोपियों को बचा लिया गया और पूरा केस कमजोर कर दिया गया।
युवा पीढ़ी जुए-सट्टे की दलदल में
राजधानी रायपुर में ऑनलाइन सट्टा कारोबार कोई नया नहीं है, लेकिन जिस तरह पुलिस-आरोपी गठजोड़ का खेल सामने आ रहा है, उसने पूरे तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब इस अवैध कारोबार में आम लोगों की मेहनत की कमाई बर्बाद हो रही है और युवा पीढ़ी जुए-सट्टे की दलदल में फंस रही है। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर पुलिस विभाग चुप्पी साधे हुए है। वहीं, स्थानीय लोग और सामाजिक संगठनों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि अगर सचमुच पुलिस ने आरोपियों से सौदेबाजी कर डेटा मिटाया है, तो यह न केवल अपराधियों को संरक्षण देना है बल्कि आम जनता के साथ धोखा भी है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि राजधानी में सट्टा माफिया कितने संगठित हैं और किस तरह तंत्र की पकड़ से बचने के लिए पुलिस तक से सेटिंग कर लेते हैं। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
ड्रग्स केस में ब्यूरोक्रेट्स के साथ एक विधायक के बेटे का भी नाम आ रहा, नव्या उगल रही राज
जिले में हुए बड़े ड्रग पैडलिंग केस में खुलासे के बाद ड्रग पैडलर नव्या मलिक को हिरासत में लिया गया था। कोर्ट ने पुलिस को पूछताछ के लिए पांच दिनों की रिमांड सौंपी थी, जो आज ख़त्म हो गई है। ऐसे में आरोपी नव्या को आज फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस फिर से रिमांड की मांग करेगी या नहीं, यह तय नहीं है।बताया जा रहा है कि, पांच दिनों के रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में नव्या मलिक ने कई बड़े राज उजागर किये है। ड्रग पैडलर नव्या के मुताबिक़ वह शहर के कई रसूखदार कारोबारियों, राजनीतिक शख्सियत और बड़े ब्यूरोक्रेट्स समेत शहर के करीब 50 से ज्यादा लोगों के संपर्क में थी। बताय जा रहा है कि, इसके बाद पुलिस के सामने कई रसूखदारों के नाम सामने नहीं लाने का बड़ा दबाव है।वही अब रायपुर पुलिस नव्या के के बॉयफ्रेड़ अयान परवेज को पुलिस रिमांड पर लेकर पुछताछ में जुट गई है। सम्भावना जताई जा रही है कि, नव्या की तरह ही परवेज भी इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे कर सकता है। गौरतलब है कि, ड्रग पैडलिंग मामले में पुलिस ने अब तक करीब 60 पैडलर्स को गिरफ्तार किया है। इनमें छत्तीसगढ़ समेत पंजाब राज्य के भी कई बडे ड्रग पैडलर शामिल है। इनके खिलाफ टिकरापारा, कोतवाली, पुरानी बस्ती समेत गंज थानो में एफआईआर भी दर्ज कराये जा चुके है।
ड्रग्स सिंडिकेट: दो और आरोपी गिरफ्तार अब तक 30 से ज्यादा तस्कर अरेस्ट
रायपुर पुलिस ने ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी लंबे समय से हेरोइन–रूष्ठरू्र बेचने वाले सिंडिकेट से जुड़े हुए थे। आरोपियों से एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू) के अफसर पूछताछ कर रहे हैं।रायपुर पुलिस के अधिकारी आरोपियों के संबंध में खुलासा जल्द करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि, जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। बता दें कि, ड्रग्स बेचने वाले आरोपियों पर पुलिस ऑपरेशन निश्चय चला रही है। अब तक 30 से ज्यादा आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
पहले की कार्रवाई में बरामदगी
पुलिस की पिछली कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों के पास से हेरोइन, एमडीएमए, एक लग्जरी कार, मोबाइल, तौलने की मशीन, एक पिस्टल और 82 जिंदा कारतूस जब्त किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के संपर्क में कुछ कारोबारी, राजनीतिक व्यक्तित्व और अधिकारी भी रहे हैं। इन सबकी जानकारी पुलिस अब एकत्रित कर रही है। जांच टीम का कहना है कि आने वाले दिनों में इन सभी से पूछताछ की जाएगी। जो भी इस ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ा पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





