छत्तीसगढ़

मंत्रालय से कलेक्टर कार्यालय तक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के आदेश जारी

Shantanu Roy
4 Aug 2026 10:43 PM IST
मंत्रालय से कलेक्टर कार्यालय तक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के आदेश जारी
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के विभिन्न विभागों, मंत्रालय, विभागाध्यक्ष कार्यालयों, संभागीय आयुक्त कार्यालयों, कलेक्टर कार्यालयों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों में लंबे समय से एक ही स्थान अथवा एक ही कार्य-पटल पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों का कार्य-पटल अब अनिवार्य रूप से बदला जाएगा। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के सचिव अविनाश चंपावत ने आदेश जारी किया है।


जारी निर्देश के अनुसार, राज्य के सभी विभागों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य-पटल का प्रत्येक तीन वर्ष में अनिवार्य रूप से परिवर्तन किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को विशेष परिस्थितियों में उसी कार्य-पटल पर बनाए रखना आवश्यक हो, तो इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से लिखित एवं कारणयुक्त अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा। बिना उचित कारण के किसी भी कर्मचारी को लंबे समय तक एक ही जिम्मेदारी पर नहीं रखा जा सकेगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि राज्य के विभिन्न कार्यालयों में कई अधिकारी और कर्मचारी वर्षों से एक ही कार्य-पटल पर कार्य कर रहे हैं। इससे उनके अनुभव का दायरा सीमित हो जाता है और कार्यालयीन कार्यों की विविध प्रक्रियाओं का समुचित ज्ञान विकसित नहीं हो पाता। सरकार का मानना है कि समय-समय पर जिम्मेदारियों में बदलाव होने से कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के कार्यों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जिससे उनकी दक्षता और कार्यकुशलता में वृद्धि होगी। सरकार ने यह भी कहा है कि अलग-अलग शाखाओं और कार्यों में काम करने से अधिकारी एवं कर्मचारी नियमों, प्रक्रियाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। इससे न केवल उनके कौशल का विकास होगा, बल्कि कार्यालयों की कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।





आदेश में सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि वे इस व्यवस्था का समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही कार्य-पटल परिवर्तन से संबंधित सभी अभिलेख और विवरण कार्यालय स्तर पर सुरक्षित रखे जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका सत्यापन किया जा सके।
सरकार का उद्देश्य केवल स्थानांतरण करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाना है। लंबे समय तक एक ही जिम्मेदारी पर रहने से कार्य प्रणाली में जड़ता आने की आशंका रहती है, जबकि नियमित बदलाव से नई कार्यशैली, नवीन अनुभव और बेहतर समन्वय विकसित होता है।
इस फैसले का असर मंत्रालय से लेकर जिला और तहसील स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों में देखने को मिलेगा। माना जा रहा है कि आने वाले समय में विभाग अपने यहां तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही कार्य-पटल पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों की सूची तैयार करेंगे और चरणबद्ध तरीके से उनके कार्यों में बदलाव किया जाएगा।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ाने, कार्यों के बेहतर वितरण और कर्मचारियों की क्षमता विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। वहीं सरकार को उम्मीद है कि इससे सुशासन को और मजबूती मिलेगी तथा आम जनता को सरकारी सेवाएं अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी।
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