बरबाद गुलिस्तां करने को एक ही उल्लू काफी था, हर शाख पर उल्लू बैठा है अंजाम-ए-गुलिस्तां क्या होगा?

ज़ाकिर घुरसेना/ कैलाश यादव
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2021 में हुए घोटाले की जांच में सीबीआई ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने विशेष अदालत में लगभग 2000 पन्नों का पहला पूरक चालान दाखिल किया है। इसमें पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड बताया गया है। सीबीआई ने अपने चालान में स्पष्ट किया है कि सोनवानी ने पद का दुरुपयोग करते हुए न केवल परीक्षा प्रक्रिया में धांधली की, बल्कि अपने परिवार के सदस्यों और प्रभावशाली लोगों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया। जनता में खुसुर-फुसुर है कि सोनवानी तो मोहरा है इसके पीछे कौन लोग है जो नियम कायदे को ताक में रख कर पीएससी को अपने हिसाब से हांकने में लगे थे, क्या परिवारवाद को आगे बढ़ाने में सैकड़ों योग्य अभ्यर्थियों को हक मार कर उन्हें पास कराने पेपर तक लीक करने की हिमाकत की औऱ पूरे परिवार को डिप्टी कलेक्टर बनाकर उपकृत करने वाले मास्टर माइंड को भी ढूंढ निकलना होगा ताकि भविष्य़ में कोई टामन जैसा रावण नहीं बन सके। यहां तक तो ठीक है लेकिन टामन सिंह और उनके चेले चपाटों द्वारा बनाये गए सभी डिप्टिकलेक्टरो और अन्य चयनित अधिकारीयों को भी तत्काल नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया जाए। किसी ने ठीक ही कहा है कि बरबाद गुलिस्तां करने को एक ही उल्लू काफी था, हर शाख पर उल्लू बैठा है अंजाम-ए-गुलिस्तां क्या होगा ?
अब दिखेगा सुशासन में विकास और शील
आईएएस विकासशील ने नए मुख्य सचिव का पदभार संभालते ही स्पष्ट कहा कि मंत्रियों के मुंह लगे अधिकारी नियम के दायरे में रहकर काम करें। वरना बोरिया बिस्तर लपेट कर मलाईदार ओहदे से रूखसत होना तय है। इस विषय पर राज्य के सभी कलेक्टर और विभागीय सचिवों को जल्द ही संदेश जारी किया जाएगा। वर्तमान परिवेश अधिकारियों को इस ओर इशारा कर रहा है कि वह अपना काम पूरे ईमानदारी के साथ करें। सिस्टम और नियम के दायरे में रहते हुए जो भी अधिकारी काम करेगा उसके ऊपर किसी भी तरीके की कठिनाई नहीं आ सकती है। इस वक्त प्रदेश में कुछ पुरानी चीजों को लेकर अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, जिस पर जांच इत्यादि भी जारी है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि अब तक तो वही ढर्रा चल रहा था, अधिकारी मतलब अधिक कारी हो गया था, जिसको भी मौका मिलता सुशासन पर अतिक्रमण कर लेता था, जिसका नुकसान सत्ताधारी पार्टी को उठना पड़ता है। जिसका प्रमाण सभी के सामने है। जो भूपेश राज में खुद को सुपरशिट मान कर मनमानी कर रहे थे उसी मनमानी पर नए सीएस विकासशील की चेतावनी सिस्टम और निय़म से बिदके अश्वमेघ के घोड़ों को पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो चुकी है। अब जो लोग चेतावनी का मतलब नहीं समझते या अनदेखी करते है उन्हें कोप का भाजक बनना पड़ेगा। यह संदेश नए सीएस ने दिय़ा है। लेकिन छत्तीसगढ़ में एक कहावत है नवा बइला के नवा सींग चल रे बइला टिंगे टिंग जैसा न हो जाए। यदि सच में विकासशील जी जैसी कथनी वैसी करनी रहे तो निश्चित रूप से प्रदेश का विकास होगा।
खाद की किल्लत के बाद बीज का लोचा ...
पूरे खरीफ फसल सीजन में किसान खाद के लिए तरसते रहे है ऊपर उन्हें एक्सपायरी बीज देकर किसानों का सब कुछ लूट लिया। जो किसान अपनी मेहनत से प्रदेश के तीन करोड़ लोगों की पेट भरता है, उसे भी नहीं बख्शा जा रहा है हालात ये है कि बेमेतरा जिले के किसान एक्सपायरी बीज से खराब हुई फसलों के मुआवजे को लेकर परेशान हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने प्रत्येक एकड़ पर 80-90 हजार रुपए खर्च किए, लेकिन जांच और प्रक्रिया के बाद उन्हें केवल 50 हजार रुपए का मुआवजा दिया गया, जो उनके मुताबिक घाटे का सौदा है. वहीं मामले में जांच कर रहे अधिकारियों और बीज कंपनी के दुकानदार के बीच सांठगांठ के आरोप भी सामने आए हैं। बेमेतरा जिला के ग्राम कंदई ,सेमरिया, पदुमसरा सहित आसपास ग्रामीण अंचलों का है। यहां 20-25 किसानों ने फूल गोभी बोने के लिए लीलाधर राठी खाद्य दुकान से लिया था, जो बाद में एक्सपायरी निकली। किसानों को लाखों का घाटा उठाना पड़ा। किसानों ने कंपनी पर कार्रवाई और मुआवजा की मांग की है साथ ही प्रति एकड़ 50 हजार रुपए की मुआवजा राशि को लेकर नाराजगी जताई है। जांच अधिकारी का कहना है कि हम लगातार कंपनी के मैनेजर और दुकानदार को किसानों के साथ बैठक कर मामले का सुलझाने का प्रयास कर रहे है। किसानों का कहना है कि उन्हें मुआवजा राशि मंजूर नहीं है। न्याय और उचित मुआवजा मिलना चाहिए। जनता में खुसुर-फुसुर है कि पूरा सिस्टम सरकार के गाइड लाइन से चलते है फिर एैसा कौन हो गया जो सरकार के सिस्टम को ध्वस्त कर अपना जेब भरने पर उतारू है। नए सीएस साहब को इस पर भी संज्ञान लेना चाहिए।
छत्तीसगढ़ ही मेरे लिए सब कुछ...
राज्यपाल बनाए जाने की चर्चाओं के बीच छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुझे राज्यपाल बनाकर क्यों छत्तीसगढ़ से विदाई कराना चाहते हो? छत्तीसगढ़ ही मेरे लिए सब कुछ है। मैं छत्तीसगढ़ में ही रहना चाहता हूं। लेकिन आगे क्या होगा, यह कोई नहीं जानता। मीडिया के सवालों के जवाब उन्होंने हास-परिहास में दिया, लेकिन इसके जरिए उन्होंने अपना संदेश भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व तक भी पहुंचा दिया। महाराष्ट्र के सीपी राधाकृष्णनन के इस्तीफे के बाद से ही पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि पार्टी की ओर से इसे लेकर अब तक कोई अधिकृत बयान जारी नहीं हुआ है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि ये भाजपा है भाई यहां कुछ भी हो सकता है। डा. रमनसिंह भी जानते है कि भाजपा में वक्त का इंतजार करना पड़ता है। बयानों से कोई राज्यपाल नहीं बन सकता, बनाने वाला तो ऊपर वाला है जो किसी का भी मुकद्दर बदल सकता है। छत्तीसगढ़ जिस तरह से 2023 के चुनाव में कई विधायकों के टिकट काटकर नए लोगों टिकट देकर 55 सीट पर जीत दर्ज की फिर उनकी नियुक्ति निगम मंडलों में कर दी गई उसी तरह ऊपर वाला कोई बड़ा फैसला भी ले सकता है। उम्मीद पर आकाश टिका है।
पुरुस्कार के लिए नाम कैसे तय होता है
पिछले दिनों नगर निगम रायपुर को जल संचय और संरक्षण पर राष्ट्रीय पुरुस्कार मिला बहुत ख़ुशी की बात है। हो सकता है थोड़ी देर बरसात होने के बाद जिस तरीके से बरसाती पानी सडक़ों पर और लोगों के घरो में दिखती है इसे ही तो संचय और संरक्षण नहीं मान लिया गया ? कायदे से संचय के लिए तो तालाब या कुंआ होना चाहिए जो लगभग पट चुका है उस पर मकान भी बन चुके हैं। जनता में खुसुर फुसुर है कि ये तो पक्का हो गया है कि सडक़ो और घरों में भरे पानी को ही सब कुछ मान लिया गया है। अभी हाल में ही एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में सट्टा पहले नंबर पर बताया गया है बलात्कार और भ्रूण हत्या में आठवें नंबर पर है जबकि भ्रस्टाचार का नामोनिशान नहीं है जबकि यहाँ विभागों में आगे जाने की होड़ लगी है, कहीं इसी तरह पुरुस्कार तो नहीं ?
फिर आ गया कमाई वाला योजना...
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में 12वीं तक सरकारी स्कूल में पढऩे वाली छात्राओं के लिए एक अहम योजना की घोषणा की है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि जो लड़कियां सरकारी स्कूल से पास होकर कॉलेज में दाखिला लेंगी, उन्हें पढ़ाई के लिए सरकार हर साल 30 हजार रुपए वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान करेगी। साव ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य शैक्षिक अवसरों को बढ़ाना और छात्राओं की पढ़ाई को प्रोत्साहित करना है। हम चाहते हैं कि सरकारी स्कूल की छात्राएं उच्च शिक्षा की ओर बढ़ें और किसी आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई बीच में न छोड़ें। इस योजना से हर छात्रा कॉलेज में बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगी। इस योजना के लिए जल्द ही पंजीयन प्रक्रिया आसान और पारदर्शी रखी जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न केवल शिक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि राज्य में महिला सशक्तिकरण और अवसर समानता को भी मजबूत करेगी। योजना के तहत छात्राएं कॉलेज में पढ़ाई जारी रखते हुए आर्थिक रूप से भी सुरक्षित रहेंगी। जनता में खुसुर-फुसुर है कि ये योजना भी महतारी वंदन की तरह भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़ जाए। महतारी वंदन में तो जिसने अधकारियों का वंदन किया वही पात्र हो गया। अब 12वी पास सरकारी स्कूलों की छात्राओं को हर साल 30 हजार देना है एैसे में अधिकारी और नेता के बच्चे सरकारी स्कूल वाले हो जाएंगे और जो वास्तव में सरकारी स्कूल में पढ़ रहे वो लाभ से वंचित हो जाएंगे क्योकि टामन जैसा रावण सब जगह मौजूद हैं।





