छत्तीसगढ़

सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान पहुंचाने वाले अधिकारी निलंबित

Shantanu Roy
8 April 2026 10:02 PM IST
सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान पहुंचाने वाले अधिकारी निलंबित
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुँचाने वाले ज्वॉइंट डायरेक्टर सूर्यभान सिंह ठाकुर और डिप्टी डायरेक्टर कमला सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारी आवास एवं पर्यावरण विभाग में पदस्थ हैं। नगर पालिका निगम राजनांदगांव द्वारा सत्यम परिवेश (परिवेश आई.एन.सी.) कॉलोनी के अनुमोदन अभिन्यास में कथित हेर-फेर के मामले में करोड़ों रुपये की हानि पहुंचाने के संबंध में दोनों अधिकारियों को “कारण बताओं” नोटिस जारी किया गया था। प्रकरण की जांच के लिए संचालनालय ने 20 नवंबर 2025 को आदेश क्रमांक 3630 के तहत एक जांच समिति गठित की थी। समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों को प्रथम दृष्टया कदाचार का दोषी पाया।

जांच प्रतिवेदन में कमला सिंह, उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय राजनांदगांव को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के अंतर्गत तत्काल निलंबित करने की अनुशंसा की गई। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संचालनालय, नगर तथा ग्राम निवेश, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। कमला सिंह को नियम 53 के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी, लेकिन सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। सूर्यभान सिंह ठाकुर, संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग को भी प्रथम दृष्टया कदाचार का दोषी पाए जाने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उनका निलंबन भी इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर मुख्यालय में प्रभावी होगा। ठाकुर को भी जीवन निर्वाह भत्ते का लाभ मिलेगा, लेकिन मुख्यालय छोड़ने की अनुमति सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना नहीं होगी।

संचालनालय द्वारा गठित जांच समिति ने सिविल सेवा आचार संहिता, 1965 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की थी। समिति ने पाया कि दोनों अधिकारियों ने नगर पालिका निगम राजनांदगांव के सत्यम परिवेश कॉलोनी के अनुमोदन अभिन्यास में अनुचित हस्तक्षेप कर करोड़ों रुपये की हानि पहुँचाई। रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई सरकारी प्रक्रियाओं और नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। राज्य सरकार ने दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश तत्काल प्रभाव से जारी कर दिए हैं और निलंबन अवधि में उन्हें मुख्यालय में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की अनुमति के बिना किसी अन्य स्थान पर जाने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम सरकारी खजाने की रक्षा और प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
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