
x
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 9वां पूरक चालान पेश किया है। करीब 1500 पन्नों के इस चालान में सौम्या चौरसिया, केके श्रीवास्तव और देवेन्द्र डडसेना के खिलाफ आरोपों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, अब तक इस मामले में कुल 51 आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र दाखिल किया जा चुका है। इससे घोटाले के बड़े नेटवर्क और उसकी व्यापकता का संकेत मिलता है। EOW/ACB की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और तथ्य सामने आने की संभावना जताई गई है।
चालान में उल्लेख किया गया है कि तत्कालीन उप सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय रही सौम्या चौरसिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शराब सिंडिकेट को संरक्षण और प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनकी भूमिका को घोटाले में सक्रिय बताया गया है। वहीं, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव पर अवैध नगदी के लेन-देन, धन के परिवहन और उसके प्रबंधन में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने अपने प्रभाव का उपयोग कर अवैध धन अर्जित किया और उसे विभिन्न माध्यमों से खपाने में सहयोग किया।
देवेन्द्र डडसेना, जो राजीव भवन से जुड़ा रहा है, उसके खिलाफ आरोप है कि उसने अवैध राशि को प्राप्त करने, सुरक्षित रखने और निर्देशानुसार आगे भेजने का काम किया। जांच एजेंसी के अनुसार, उसने पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाते हुए षड़यंत्र को आगे बढ़ाया। इस मामले में EOW और ACB द्वारा की जा रही जांच में यह भी सामने आया है कि घोटाले को संगठित तरीके से संचालित किया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का उल्लेख किया गया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित घोटाले को तीन हिस्सों में अंजाम दिया गया। पहले हिस्से में डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी कमीशन लिया गया। दूसरे हिस्से में अतिरिक्त शराब उत्पादन कर उस पर कथित नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों से बिक्री की गई। तीसरे हिस्से में सप्लाई जोन में बदलाव कर अवैध उगाही की गई। बताया गया है कि कुछ जिलों में शराब की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था बनाई गई और दुकानों को निर्देश दिए गए कि बिक्री का पूरा रिकॉर्ड दर्ज न किया जाए। जांच में लाखों पेटी शराब की बिक्री के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। EOW ने स्पष्ट किया है कि मामले में संलिप्त अन्य व्यक्तियों, संस्थाओं और कंपनियों के खिलाफ भी जांच जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे और पूरक चालान पेश किए जा सकते हैं। यह मामला राज्य में सबसे बड़े आर्थिक घोटालों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट करने में जुटी हुई हैं।
Tagsछत्तीसगढ़ शराब घोटालाEOW चालानसौम्या चौरसियाकेके श्रीवास्तवदेवेन्द्र डडसेनाACB जांचED FIR3200 करोड़ घोटालाChhattisgarh liquor scamEOW challanSoumya ChaurasiaKK SrivastavaDevendra DadsenaACB investigationRs 3200 crore scamछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





