छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में भूमि दस्तावेजों की प्राप्ति अब तय समय-सीमा में संभव, अधिसूचना जारी
Shantanu Roy
1 Aug 2025 10:38 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के नागरिकों को अब जरूरी भूमि दस्तावेजों की नकल पाने के लिए महीनों भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत एक नई अधिसूचना जारी की है, जो 28 जुलाई 2025 से पूरे राज्य में लागू कर दी गई है। यह अधिसूचना भूमि से संबंधित दस्तावेजों की प्राप्ति प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल, जवाबदेह और समयबद्ध बनाएगी। नई व्यवस्था के तहत अब नागरिक खसरा, खतौनी, नक्शा, नामांतरण पंजी, बी-1, चकबंदी रिकॉर्ड, मिसल / राजस्व प्रकरण जैसे दस्तावेजों की नकल निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्राप्त कर सकेंगे।
सेवा के दो प्रकार: सामान्य और तत्काल
इस अधिसूचना में सेवाएं दो श्रेणियों में बांटी गई हैं—सामान्य सेवा और तत्काल सेवा।
सामान्य सेवा की समय सीमा 07 कार्य दिवस तय की गई है। इस श्रेणी के लिए सेवा प्रदायक अधिकारी नायब तहसीलदार, तहसीलदार, और अतिरिक्त तहसीलदार होंगे। सक्षम प्राधिकारी तहसीलदार और अपील अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) होंगे। अंतिम स्तर पर अपील कलेक्टर के पास होगी। तत्काल सेवा की समय सीमा 03 कार्य दिवस निर्धारित की गई है। इसके लिए सेवा प्रदायक अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) होंगे, सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, और अपील अधिकारी संभागायुक्त होंगे।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट रूप से यह भी बताया गया है कि सेवा प्राप्त करने के लिए नागरिकों को निम्न दस्तावेज संलग्न करने होंगे:
निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र, जिसमें ₹5 का कोर्ट फीस टिकट चिपकाया गया हो।
संबंधित भूमि का संपूर्ण विवरण (खसरा नंबर, नक्शा, बी-1 आदि)।
निर्धारित विधिक शुल्क।
यदि तत्काल सेवा ली जा रही है, तो उसका अलग से अतिरिक्त शुल्क।
नकल शाखा प्रभारी होंगे जवाबदेह अधिकारी
प्रत्येक तहसील और जिला कार्यालय में नकल शाखा प्रभारी अधिकारी नामित किए गए हैं, जो संबंधित सेवा की जिम्मेदारी संभालेंगे और समय-सीमा में सेवा प्रदान करना सुनिश्चित करेंगे।
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित
इस अधिसूचना से पहले भूमि दस्तावेजों की नकल प्राप्त करने में नागरिकों को कई बार लंबा इंतजार, भ्रष्टाचार और परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा तय किए जाने से जवाबदेही स्पष्ट हो गई है। यदि सेवा समय पर प्रदान नहीं होती, तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जा सकती है।
जिला कार्यालय से भी मिलेंगी सेवाएं
जिला कलेक्टर कार्यालय में भी नागरिक अब आवश्यक भूमि दस्तावेजों की नकल प्राप्त कर सकेंगे। राज्य सरकार ने यह व्यवस्था सभी जिलों में समान रूप से लागू की है, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को समान रूप से लाभ मिल सके।
अधिसूचना का व्यापक प्रभाव
यह अधिसूचना न केवल पहले से लागू सभी पुरानी अधिसूचनाओं को अधिक्रमित करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ में ई-गवर्नेंस और सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे जहां नागरिक सेवाएं सुलभ होंगी, वहीं राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में भी दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। राज्य सरकार की यह पहल डिजिटल इंडिया और जन सेवा को सरल बनाने की दिशा में अनुकरणीय उदाहरण बन सकती है। नागरिकों को अब अनावश्यक दौड़भाग नहीं करनी होगी, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
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