छत्तीसगढ़
समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन उप संचालक पर करोड़ों के घोटाले पर मामला दर्ज
Shantanu Roy
1 Aug 2025 10:13 PM IST

x
छग
Gariaband. गरियाबंद। समाज कल्याण विभाग गरियाबंद में शासकीय राशि के गबन का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला सिटी कोतवाली गरियाबंद में पदस्थ थाना प्रभारी को 31 जुलाई 2025 को उप संचालक समाज कल्याण गरियाबंद दोनर प्रसाद ठाकुर द्वारा एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें दो पूर्व अधिकारियों पर शासकीय राशि का दुरुपयोग कर गबन करने का आरोप लगाया गया है। आवेदन की जांच के आधार पर आरोपी मुन्नीलाल पाल (पूर्व उप संचालक, वर्ष 2018-2022) और एल.एस. मार्को (पूर्व उप संचालक, वर्ष 2015-2018) के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली गरियाबंद में धारा 409, 34 भादंवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायपुर निवासी कुंदन सिंह ठाकुर द्वारा दोनों अधिकारियों के खिलाफ लोक आयोग रायपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत की जांच के लिए कलेक्टर गरियाबंद के आदेशानुसार तीन सदस्यीय संयुक्त जांच समिति गठित की गई, जिसमें अपर कलेक्टर अरविंद कुमार पांडे, जिला कोषालय अधिकारी पीसी खलखो और उप संचालक समाज कल्याण दोनर प्रसाद ठाकुर शामिल थे। जांच समिति द्वारा गहराई से की गई पड़ताल में यह पाया गया कि ‘राज्य निराश्रित निधि’ के नाम से जारी चेकों का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड कार्यालय में मौजूद नहीं है। तत्कालीन उप संचालकों द्वारा भेजे गए मांग पत्रों की न तो जावक पंजी में प्रविष्टि की गई थी, न ही संबंधित नस्तियां संधारित की गई थीं।
जारी चेक किन फर्मों को और किस प्रयोजन के लिए भुगतान किए गए, इसकी भी कोई जानकारी कार्यालय में उपलब्ध नहीं थी। जांच में सहायक ग्रेड-2 ओमप्रकाश सिन्हा, सहायक ग्रेड-3 पीलाराम वर्मा और सहायक ग्रेड-2 पवन कुमार सोनी के कथन लिए गए। साथ ही संबंधित बैंकों और वरिष्ठ कार्यालयों से दस्तावेज जुटाए गए, जिनके विश्लेषण से यह पुष्टि हुई कि तत्कालीन अधिकारियों द्वारा बिना वैधानिक प्रक्रिया के 3 करोड़ 25 लाख 50 हजार रुपये का अनुचित आहरण किया गया। संयुक्त जांच समिति के प्रतिवेदन में यह भी दर्ज है कि उक्त राशि का उपयोग अधिकारियों द्वारा निजी कार्यों में किया गया, जिससे यह स्पष्ट रूप से शासकीय धन का गबन माना गया। समिति ने इस गंभीर वित्तीय अनियमितता को गंभीर आर्थिक अपराध की श्रेणी में रखते हुए विधिक कार्रवाई की संस्तुति की।
थाना प्रभारी द्वारा प्राप्त आवेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी मुन्नीलाल पाल और एल.एस. मार्को के विरुद्ध मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। मामले में अन्य संबंधित दस्तावेज और कर्मचारियों के बयान भी शामिल किए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता भी उजागर हो सकती है। यह मामला न केवल प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि समाज कल्याण जैसी संवेदनशील योजनाओं से जुड़े वित्तीय प्रबंधन पर भी गंभीर चिंता जताता है। अब देखना होगा कि कानून इस गंभीर आर्थिक अपराध में दोषियों को किस प्रकार न्याय के कठघरे तक पहुंचाता है।
Tagsगबनसमाज कल्याण विभागगरियाबंदउप संचालकभ्रष्टाचारएफआईआरजांच समितिशासकीय राशिसरकारी घोटालाजांच रिपोर्टआरोपी अधिकारीNirashrit NidhiembezzlementSocial Welfare DepartmentGariabandDeputy DirectorcorruptionFIRinvestigation committeegovernment fundscamaudit reportaccused officerfinancial irregularityछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचारChhattisgarh news hindiChhattisgarh newsChhattisgarh latest newsChhattisgarh news updateChhattisgarh hindi news todayChhattisgarh hindinews hindi news ChhattisgarhChhattisgarh hindi newsChhattisgarh samacharजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





