छत्तीसगढ़

नई सोच नई तकनीक नई उम्मीद, नैनो उर्वरकों से सशक्त हो रही खेती

Nil dhankar
26 Jun 2026 2:55 PM IST
नई सोच नई तकनीक नई उम्मीद, नैनो उर्वरकों से सशक्त हो रही खेती
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रायपुर। कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में नैनो उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

कोरबा जिले के ग्राम जपेली निवासी कृषक रतन सिंह इसका एक प्रेरक उदाहरण हैं। लगभग साढ़े चार एकड़ कृषि भूमि पर खेती करने वाले रतन सिंह के लिए कृषि ही आय का प्रमुख साधन है। वर्षों से खेती कर रहे रतन सिंह ने बदलते समय के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का निर्णय लिया और पिछले वर्ष से अपने खेतों में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग शुरू किया।

रतन सिंह बताते हैं कि प्रारंभ में उन्होंने नैनो उर्वरकों को लेकर जानकारी प्राप्त की और कृषि विभाग के मार्गदर्शन में इसका उपयोग किया। उपयोग के बाद उन्हें फसलों की वृद्धि एवं विकास में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। उनका कहना है कि नैनो उर्वरक कम मात्रा में उपयोग होने के बावजूद प्रभावी साबित हो रहे हैं, जिससे अधिक व्यवस्थित ढंग से खेती करने में सहायता मिल रही है।

उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से खेतों में पोषक तत्वों का बेहतर प्रबंधन संभव हुआ है। साथ ही इनके परिवहन, भंडारण एवं उपयोग में भी सुविधा मिलती है। आधुनिक तकनीक को अपनाने से खेती के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है तथा वे अन्य किसानों को भी नई कृषि तकनीकों की जानकारी लेने और उन्हें अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

रतन सिंह ने कहा कि उन्होंने इस वर्ष के खरीफ सीजन के लिए नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया प्राप्त कर लिया है। वे कहते हैं कि वर्तमान समय में खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। वैज्ञानिक पद्धतियों एवं नवाचार आधारित कृषि उपायों से किसानों को बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। उन्होंने किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।

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