न्यूरोलॉजिस्ट ने इस्तीफ़ा दिया, पदस्थ थे DKS हॉस्पिटल में

रायपुर। DKS सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से प्रदेश के इकलौते न्यूरोलॉजिस्ट ने हाल ही में इस्तीफा दे दिया है। अचानक हुए न्यूरोलॉजिस्ट के इस्तीफे ने अस्पताल के माहौल को हिला कर रख दिया है। अब ना सिर्फ DKS बल्कि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा (अंबेडकर हॉस्पिटल) में भी न्यूरोलॉजी विभाग पूरी तरह खाली हो चुका है।
DKS अस्पताल के इकलौते न्यूरोलॉजिस्ट ने बिना कोई बड़ी घोषणा किए अपना पद छोड़ दिया जिससे न सिर्फ मरीजों के इलाज पर सवाल उठ गए हैं बल्कि पूरे प्रदेश में न्यूरोलॉजी विभाग की गंभीर स्थिति भी उजागर हो गई है। अब सवाल ये है कि इस खाली पद को कब और कैसे भरा जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, इस सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट ने बीते कई सालों से वेतन में बढ़ोतरी की मांग की थी लेकिन बहुत समय तक अनदेखा किये जाने और सिर्फ आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने आखिरकार इस्तीफ़ा देने का फैसला किया। डॉक्टर का कहना है कि काम का दबाव दिन-ब-दिन बढ़ता गया लेकिन उनको वित्तीय और पेशेवर सम्मान नहीं मिला। फिर उन्होंने खुद को इस व्यवस्था से अलग कर लिया।
DKS और मेकाहारा में हर दिन माइग्रेन, मिर्गी, स्ट्रोक, स्पैरालिसिस, पार्किंसन और अल्जाइमर जैसे बीमारियों से पीड़ित सैकड़ों मरीज अपनी परेशानी लेकर पहुंचते हैं। लेकिन अब अस्पताल में कोई न्यूरोलॉजिस्ट मौजूद नहीं है। इस कारण मरीजों और उनके परिजनों को या तो इलाज के लिए निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है जहां इलाज बेहद महंगा है या फिर कई मरीज बिना इलाज ही घर लौट जा रहे हैं।





