छत्तीसगढ़

एन.डी.पी.एस. एक्ट के विषय में एक दिवसीय कार्यशाला का किया आयोजन

Shantanu Roy
28 Aug 2025 8:23 PM IST
एन.डी.पी.एस. एक्ट के विषय में एक दिवसीय कार्यशाला का किया आयोजन
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छग
Raipur. रायपुर। आज राजधानी में को न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन रायपुर के सभागार में पुलिस एवं न्यायालय के संयुक्त तत्वावधान में एन.डी.पी.एस. एक्ट की विवेचना (Investigation of NDPS Act Cases) संबंधी विशेष मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को नशे के खिलाफ होने वाली कार्यवाही को अधिक प्रभावी, कानूनी रूप से सुदृढ़ और त्रुटिरहित बनाने पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर बी.पी. वर्मा मुख्य अतिथि रहे।

साथ ही विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस/एससी-एसटी एक्ट) पंकज कुमार सिन्हा, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किरण थवाईत, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गिरीश मण्डावी तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद कुमार सिंह भी मंचासीन रहे। पुलिस की ओर से पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह सहित जिले के सभी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर/उप पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी, विवेचक एवं प्र.आर. माल मोहर्रिर मिलाकर कुल 150 अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

नशा मुक्त रायपुर का संकल्प
अपने संबोधन में एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि रायपुर पुलिस नशे को जड़ से समाप्त करने के लिए संकल्पित है। यह केवल अभियान नहीं बल्कि दृढ़ निश्चय है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विवेचना (investigation) में प्रक्रियात्मक त्रुटियां न हों, ताकि अधिक से अधिक दोषियों को सजा दिलाई जा सके।

न्यायालय का दृष्टिकोण
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी.पी. वर्मा ने कहा कि एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रकरणों में सख्ती और सटीकता दोनों जरूरी हैं। छोटी-छोटी प्रक्रियात्मक गलतियों के कारण कई मामलों में दोषसिद्धि प्रभावित होती है। उन्होंने जोर दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस व न्यायालय की ही जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

प्रावधानों और त्रुटियों पर विस्तृत चर्चा
विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने एन.डी.पी.एस. एक्ट की धाराओं, प्रावधानों और उनकी कानूनी प्रक्रिया का विस्तारपूर्वक उल्लेख किया। उन्होंने पुलिस विवेचना में होने वाली सामान्य त्रुटियों और उनसे बचने के उपाय बताए। वहीं, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किरण थवाईत ने एन.डी.पी.एस. एक्ट के नियमों व धाराओं पर गहन चर्चा की और उपस्थित अधिकारियों को विवेचना की बारीकियों से अवगत कराया।

भविष्य की दिशा
कार्यशाला में अधिकारियों ने अपने प्रश्न रखे और न्यायाधीशों ने उनके समाधान दिए। यह सत्र पुलिस अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ। अनुमान है कि ऐसे प्रशिक्षण से एन.डी.पी.एस. एक्ट मामलों में दोषसिद्धि दर (Conviction Rate) बढ़ेगी और रायपुर जिला नशे की गिरफ्त से बाहर आने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाएगा।
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