राष्ट्रीय अधिवेशन : कांग्रेस के संगठन ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन की संभावना

निष्ठावानों को अहम जिम्मेदारी देकर 2029 का प्लान तैयार होगा
गुजरात सम्मेलन कांग्रेस के लिए बहुत खास, यही बनेगी भाजपा से आरपार की लड़ाई की रणनीति
भाजपा के वोट बैंक में सेंधमारी पर होगा दो दिनों तक मंथन
छत्तीसगढ़ पीसीसी चीफ को बदलने पर हो सकता है हाई कमान का पहला फैसला
नई दिल्ली /रायपुर । कांग्रेस में बड़े परिवर्तन के संकेत राष्ट्रीय अधिवेशन के समाप्त होने के पश्चात पूरे देश में कांग्रेस के संगठन ढांचे में बड़ा परिवर्तन होने की संभावना ख़ुद राहुल गांधी ने सम्मेलन शुरू होने के पहले वरिष्ठ नेताओं की बैठक मैं अपने विचार प्रकट की है कांग्रेस अध्यक्ष विस्तार से विचार विमर्श के बाद एसीसी के सम्मेलन में अधिकांश प्रस्ताव आमूलचूल परिवर्तन के लिए आने की संभावना है कांग्रेस पार्टी के लिए आगामी सभी चुनाव चैलेंज के साथ लड़ने की संभावना को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के समक्ष बड़ी विपक्षी पार्टी के रूप में भी प्रभाव नहीं होने के कारण कांग्रेस अब गंभीरता से अपने राष्ट्रीय अधिवेशन पर विचार कर सकती है। साथ ही कांग्रेस पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी को चुनाव में हराने हैं तो हर तरह के हथकंडे अपनाने रो साथ भाजपा से जीत की लड़ाई लड़ने के लिए अपने तेज़ तर्रार कार्यकर्ताओं को फ्रंटलाइन में लाना चाहती है ताकि भाजपा देश के साथ प्रदेस में भाजपा पर चारों तरह से हमला कर भाजपा के वोट बैंक में सेंधमारी करना है। अधिवेशन से दो दिन पहले ही राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया इसी के मद्देनज़र रखते हुए पूरे देश में कांग्रेस पार्टी कम से कम 4 राज्यों के अध्यक्षों को बड़े बदलाव करेगी। छत्तीसगढ़ राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार ये सभी राज्य वर्तमान और भविष्य के लिए कांग्रेस के महत्वपूर्ण राज्य होंगे ।
बिहार में आने वाले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने । राष्ट्रीय स्तर पर पिछड़ने का समाधान अहमदाबाद सम्मेलन में निकाला जाएगा यह तो तय हो गया है। अब भाजपा को चुनाव में चारों खाने चित करने के सभी प्रकार के विकल्प पर विचार करने के लिए अहमदाबाद सम्मेलन देश भर के सभी नेताओं की राय -मशविरा होना है। 2 दिनों तक चलने वाले सम्मेलन कई बड़े फैसले भी लिए जा सकते है जो काफी असरदार होंगे। बैठक के उपरांत कांग्रेस में बड़ा परिवर्तन होने के पीछे पार्टी की चुनाव में लगातार पिछड़ने के कारणों का पता लगाने के साथ आने वाले सभी चुनावों में कांग्रेस का बेहतर प्रदर्शन पर ध्यान फोकस होगा। भाजपा की रणनीति का पक्का ठोस हल अहमदाबाद सम्मेलन में निकलना तय माना जा रहा है।
पूरे देश में जनाधार बढ़ाने ताकत झोंकेगी
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष की भी बदलने का फैसला संभवतः सम्मेलन के उपरांत ले सकती है । छत्तीसगढ़ में लगातार कांग्रेस पार्टी का चुनाव में हार के कारण बड़े नेताओं की आपसी टकराहट कार्यकर्ताओं के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण सच्चे और असली कांग्रेसी घर बैठ जाने के कारण छत्तीसगढ़ कांग्रेस दिन प्रतिदिन जनाधार के लिए संघर्ष करती नज़र आ रही है । प्रदेश कांग्रेस बदलाव तय माना जा रहा है । सम्मेलन में सबसे निराशाजनक प्रदर्शन होने के कारण प्रदेश के सभी नेता सम्मेलन के तत्काल बाद दबाव बना सकते है। कांग्रेस हाई कमान अब ऊपर से नीचे तक निष्ठावान कार्यकर्ताओ्ं सम्मान देना चाहती है ताकि पार्टी को पुनः स्थापित कर सके औऱ आने वाले चुनाव में अहम भूमिका निभा सके। 10 साल केंद्र की सत्ता से बेदखल होने के बाद शायद उच्चस्तरीय नेतृत्व को समझ आ गया है कि पार्टी में कौन स्थायित्व है औऱ कौन आयाराम गयाराम के तर्ज पर पार्टी को अपने फाय़दे के लिए नुकसान पहुंचाना चाहती है। एसे निष्ठावान नेताओ्ं को दोबारा मौका देकर पार्टी फिर से देश की सत्ता में काबिज होने की रणनीति पर आगे की चार साल तक काम करेगी । वही निष्ठावानों को अहम जिम्मेदारी देकर 2029 का प्लान तैयार होगा। जो सीधे भाजपा से हर मोर्चे पर आरपार की लड़ाई लड़ेगी।
गुजरात जाने वालों में रामगोपाल के नाम को लेकर भाजपा का हमला
भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने गुजरात सम्मेलन में भाग लेने वालों की 55 नामों की सूची में भगोड़े रामगोपाल अग्रवाल के नाम शामिल होने पर हमला बोला है। चिमनानी ने कहा है कि कांग्रेस का गुजरात में राष्ट्रीय अधिवेशन है या घोटालेबाजों का सम्मेलन है।





