छत्तीसगढ़
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खेल महोत्सव के बाद मूंगफली में बचपन की यादें और गांव की सादगी महसूस की
Shantanu Roy
7 Oct 2025 11:59 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सोमवार को भाटापारा क्षेत्र में आयोजित सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। खेल महोत्सव में बच्चों और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई, जिसमें विभिन्न खेलों के आयोजन के माध्यम से न केवल खेल भावना को बढ़ावा दिया गया, बल्कि युवाओं को सक्रिय और स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया गया। खेल महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद सांसद अग्रवाल रायपुर लौट रहे थे। इस दौरान उन्होंने सड़क किनारे मौसम की पहली मूंगफली देखी। रुचिकर दृश्य को देखकर उन्होंने वहां ठहर कर कुछ मूंगफली खरीदीं। मूंगफली को छीलते-छीलते सांसद ने महसूस किया कि यही गांव की मिट्टी की खुशबू और बचपन की यादें हैं।
सांसद ने कहा कि "खेल का उत्साह हो या मूंगफली का स्वाद, दोनों में मिट्टी की महक और अपनापन बसता है। कभी-कभी ये छोटे-छोटे पल ही हमें हमारी जड़ों से जोड़ देते हैं।" बृजमोहन अग्रवाल ने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि वे भी छोटे समय में गांव में इसी तरह खेतों में मूंगफली चबाया करते थे और उसके स्वाद में जीवन की सादगी और मिट्टी की खुशबू बसती थी। उनके लिए यह अनुभव केवल स्वाद नहीं, बल्कि अपने गांव और परिवार से जुड़े भावनाओं की अनुभूति थी।
खेल महोत्सव के दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल सिर्फ जीत-हार का नाम नहीं है, बल्कि यह हमारे व्यक्तित्व और मानसिकता को मजबूत बनाता है। बच्चों में खेल भावना और अनुशासन पैदा करना समाज के लिए आवश्यक है। सांसद अग्रवाल के अनुसार, खेल और खेती जैसी पारंपरिक गतिविधियों में छुपा सादगी और अपनापन हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि आज की तेजी और शहरी जीवन की भागदौड़ में हम अक्सर इन सरल खुशियों को भूल जाते हैं, लेकिन छोटे पल, जैसे मूंगफली खरीदना और उसे छीलते हुए उसका स्वाद लेना, हमें फिर से हमारी मिट्टी की याद दिलाता है।
सांसद खेल महोत्सव और मूंगफली के अनुभव को साझा करते हुए स्थानीय मीडिया और नागरिकों को भी यह संदेश देना चाहते हैं कि जीवन में छोटे-छोटे पल और स्थानीय अनुभव हमारे व्यक्तित्व और मानसिक संतुलन के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितना बड़े अवसर और उपलब्धियाँ। भाटापारा के ग्रामीणों और खेल आयोजन में भाग लेने वाले बच्चों ने भी इस अनुभव को साझा किया और कहा कि सांसद का यह व्यवहार यह दिखाता है कि वे अपने जड़ों और ग्रामीण जीवन से जुड़े हुए हैं, और उनके लिए ग्रामीणों की सादगी और खुशियाँ महत्वपूर्ण हैं। इस प्रकार, खेल महोत्सव और मूंगफली का यह अनुभव न केवल सांसद के लिए बल्कि आम लोगों के लिए भी प्रेरक साबित हुआ। यह याद दिलाता है कि चाहे बड़े आयोजन हों या छोटे पल, दोनों में जीवन की सादगी, मिट्टी की खुशबू और अपनापन छिपा है।
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