छत्तीसगढ़

गांजा तस्करी करते मां-बेटे गिरफ्तार, 12 लाख से ज्यादा का माल जब्त

Shantanu Roy
9 Oct 2026 4:03 PM IST
गांजा तस्करी करते मां-बेटे गिरफ्तार, 12 लाख से ज्यादा का माल जब्त
x
छग
Gariaband. गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। देवभोग थाना क्षेत्र के खुंटगांव चेकपोस्ट के पास पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में मां और बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 18 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 9 लाख 5 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने गांजा परिवहन में इस्तेमाल इको कार और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। कार्रवाई में जब्त सभी सामान की कुल अनुमानित कीमत 12 लाख 5 हजार रुपये आंकी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवभोग थाना पुलिस ने खुंटगांव चेकपोस्ट के पास कार्रवाई करते हुए इको वाहन क्रमांक CG 25 N 8089 की जांच की। इस दौरान वाहन से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने वाहन में मौजूद मां और बेटे को गिरफ्तार कर लिया। जब्त गांजे का वजन 18 किलो 100 ग्राम पाया गया। पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे की अनुमानित बाजार कीमत 9 लाख 5 हजार रुपये है। इसके अलावा गांजा परिवहन में उपयोग किए गए वाहन और एक मोबाइल फोन को भी जब्त किया गया है। इन सभी सामग्रियों की कुल कीमत लगभग 12 लाख 5 हजार रुपये बताई गई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डिंडेश्वर पांडे और सीता पांडे के रूप में हुई है। डिंडेश्वर पांडे की उम्र 25 वर्ष है और वह रतनपुर का निवासी बताया गया है। उसके पिता का नाम नंद किशोर पांडे है। वहीं, सीता पांडे पति नंद किशोर पांडे कलमी तर रानी गांव की निवासी बताई गई हैं। दोनों मां-बेटे हैं और पुलिस ने इन्हें गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब गांजे की आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। विशेष रूप से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे छत्तीसगढ़ में किस स्थान तक पहुंचाया जाना था।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों के अलावा गांजा परिवहन और आपूर्ति में अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं। फिलहाल किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। देवभोग थाना क्षेत्र में खुंटगांव चेकपोस्ट के पास हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने नशीले पदार्थ के साथ उसके परिवहन में इस्तेमाल वाहन को भी जब्त किया है। पुलिस के लिए अब गांजे के स्रोत और उसके संभावित गंतव्य का पता लगाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गांजा तस्करी के मामले में मां और बेटे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस संभावित तस्करी नेटवर्क से जुड़े तथ्यों को भी खंगाल रही है।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बरामद गांजा किस व्यक्ति से प्राप्त किया गया था और इसे किसे सौंपा जाना था। पुलिस द्वारा जब्त मोबाइल फोन की भूमिका सहित मामले के अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपियों के संपर्क और गांजा परिवहन से संबंधित जानकारी सामने आने के बाद तस्करी से जुड़ी परिस्थितियां और स्पष्ट हो सकती हैं। गरियाबंद पुलिस की इस कार्रवाई में 18 किलो 100 ग्राम गांजा, एक इको कार और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 12 लाख 5 हजार रुपये है। मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। गांजा कहां से लाया गया था, किसे पहुंचाया जाना था और इस परिवहन में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
Next Story