छत्तीसगढ़
म्यूल बैंक खातों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 6 आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
10 Sept 2026 4:49 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। साइबर वित्तीय अपराधों में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के खिलाफ बिलासपुर रेंज साइबर थाना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान आरोपियों से संबंधित बैंक खातों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से साइबर अपराध की कुल 50 शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों में करीब 4 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी मिली है। पुलिस अब बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर नेटवर्क की अगली कड़ियों तक पहुंचने में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक गिरोह कमीशन का लालच देकर बैंक खाते खुलवाता था। इसके बाद इन खातों और उनसे संबंधित बैंकिंग संसाधनों को कथित तौर पर साइबर अपराध से हासिल रकम के लेन-देन के लिए उपलब्ध कराया जाता था। ऐसे खातों को म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है। मामले की शुरुआत छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की मंगला शाखा में संचालित एक बैंक खाते में बड़ी मात्रा में संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने के बाद हुई। पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
सिर्फ 25 दिनों में 2.20 करोड़ का लेन-देन
पुलिस जांच के मुताबिक अजय फार्म हाउस के नाम से संचालित बैंक खाते में 18 मई से 12 जून 2026 के बीच महज 25 दिनों में 2 करोड़ 20 लाख 68 हजार 443 रुपये की संदिग्ध राशि का लेन-देन हुआ था। पुलिस ने बैंक खाते का स्टेटमेंट, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म, KYC दस्तावेज और अन्य बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच की। इसके बाद मोबाइल नंबर, बैंक खातों और संबंधित व्यक्तियों के बीच संपर्कों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। जांच आगे बढ़ने पर एक-एक कर छह आरोपियों की भूमिका सामने आने का दावा पुलिस ने किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तखतपुर निवासी 36 वर्षीय अजय कुमार सोनी, मुंगेली निवासी 49 वर्षीय अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू, बिलासपुर निवासी 42 वर्षीय भास्कर कश्यप, सक्ती निवासी 35 वर्षीय नरेन्द्र कुर्रे, कोरबा निवासी 36 वर्षीय आशीष तिवारी और रायपुर निवासी 26 वर्षीय देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन शामिल हैं।
अजय फार्म हाउस के खाते में करोड़ों का ट्रांजेक्शन
पुलिस के अनुसार अजय कुमार सोनी ने अजय फार्म हाउस के नाम से बैंक खाता खुलवाया था और नेट बैंकिंग के लिए मोबाइल नंबर लिंक कराया था। जांच में सामने आया कि अभिलाष डेनियल के माध्यम से उसका संपर्क बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले लोगों से हुआ। आरोप है कि अजय ने अपने बैंक खाते और उससे संबंधित जानकारी अन्य लोगों को उपलब्ध कराई तथा इसके बदले कमीशन लिया। इसी खाते में 25 दिनों के दौरान 2.20 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन मिला। पुलिस ने उससे मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अलग-अलग बैंकों के ATM कार्ड समेत अन्य सामग्री जब्त की है। अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू की भूमिका कथित तौर पर बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए संपर्क स्थापित करने वाले व्यक्ति के रूप में सामने आई है। पुलिस के अनुसार उसे नरेन्द्र कुर्रे के माध्यम से बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले 20 हजार रुपये कमीशन मिलने की जानकारी सामने आई है। उसने अपने परिचित अजय को भी खाता खुलवाने के लिए तैयार किया था।
खाते के बदले 20 से 25 हजार तक कमीशन
भास्कर कश्यप ने अजय कुमार सोनी के कहने पर छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में खाता खुलवाया था। पुलिस जांच में दावा किया गया है कि उसे खाते का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से संबंधित लेन-देन में किए जाने की जानकारी थी और इसके बदले 20 हजार रुपये कमीशन मिलने वाला था। नरेन्द्र कुर्रे की भूमिका खातों की व्यवस्था करने और खाताधारकों से संपर्क स्थापित करने वाले व्यक्ति के रूप में सामने आई है। पुलिस के मुताबिक वह बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले खाताधारकों को उनमें होने वाले लेन-देन के आधार पर करीब 2.8 प्रतिशत कमीशन देने की बात कहता था। उसके मोबाइल और अन्य सामग्री को भी जब्त किया गया है।
आशीष तिवारी ने कथित तौर पर नरेन्द्र के कहने पर बैंक खाता खुलवाया और इसे ऑनलाइन फ्रॉड में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया। पुलिस के अनुसार देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन ने उसके मोबाइल में आवश्यक एप्लीकेशन डाउनलोड किए थे। खाता उपलब्ध कराने के बदले आशीष को 25 हजार रुपये कमीशन मिलने की बात सामने आई है। पुलिस जांच में देवेश उर्फ रोबिन की भूमिका उपलब्ध कराए गए खातों की जानकारी लेकर उनमें आवश्यक एप्लीकेशन डाउनलोड करने और ऑनलाइन गतिविधियों में उनका इस्तेमाल करने से जुड़ी बताई गई है।
50 शिकायतें और करीब 4 करोड़ की धोखाधड़ी
जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े खातों के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में दर्ज शिकायतों की जानकारी भी जुटाई गई। पुलिस के मुताबिक अजय कुमार सोनी के बैंक खाते के खिलाफ चंडीगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान और झारखंड सहित अलग-अलग क्षेत्रों से कुल 21 शिकायतें मिली हैं। भास्कर कश्यप के खाते के खिलाफ 24 शिकायतें सामने आई हैं। नरेन्द्र कुर्रे से जुड़े खाते को लेकर दो और आशीष तिवारी के खाते को लेकर तीन शिकायतें मिली हैं। इस तरह कुल 50 साइबर वित्तीय अपराध संबंधी शिकायतें सामने आई हैं। इनसे करीब 4 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी की जानकारी मिली है। इसकी विस्तृत जांच जारी है।
क्या होता है म्यूल बैंक अकाउंट?
साइबर ठगी में अपराधी अक्सर सीधे अपने खातों में रकम लेने के बजाय दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं। कमीशन या अन्य लालच देकर हासिल किए गए इन खातों में ठगी की रकम मंगाई जाती है और फिर इसे तेजी से दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता है। ऐसे खातों को म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है। बिलासपुर रेंज साइबर थाना अब गिरफ्तार आरोपियों के आपसी संपर्क, वित्तीय लेन-देन, मोबाइल, मैसेजिंग एप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर रहा है।
इसके जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नेटवर्क में और कितने लोग तथा बैंक खाते जुड़े हुए हैं। पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग और पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा नोडल अधिकारी गगन कुमार के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा, कामिल हक और रेंज साइबर थाना के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और साइबर अपराध से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं बैंक खातों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
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