छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सीमा के जंगल में माओवादी हथियारों का डंप बरामद, 6 अग्निशस्त्र और विस्फोटक जब्त

Shantanu Roy
7 Oct 2026 9:02 PM IST
छत्तीसगढ़ सीमा के जंगल में माओवादी हथियारों का डंप बरामद, 6 अग्निशस्त्र और विस्फोटक जब्त
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Raipur. रायपुर। महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे कोपर्शी जंगल में माओवादियों द्वारा जमीन में छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री के डंप को गडचिरोली पुलिस ने बरामद किया है। सर्चिंग के दौरान पुलिस को 303 रायफल, दो सिंगल शॉट रायफल, दो देशी पिस्टल और एक BGL लॉन्चर समेत कुल 6 अग्निशस्त्र मिले हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में गोला-बारूद, डेटोनेटर, केबल वायर और संचार उपकरण भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के कोपर्शी जंगल में
माओवादियों
ने सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करने और विस्फोटक वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से हथियार और विस्फोटक सामग्री जमीन के अंदर छिपाकर रखी है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए 6 अक्टूबर को विशेष अभियान चलाया गया।

एसपी एम. रमेश के मार्गदर्शन में प्राणहिता की विशेष अभियान टीम की पांच टुकड़ियों और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड की दो टीमों को जंगल में सर्चिंग के लिए रवाना किया गया। जवानों ने पूरे इलाके की घेराबंदी की और संदिग्ध स्थानों की बारीकी से तलाशी शुरू की। सर्चिंग के दौरान एक स्थान पर जमीन में छिपाकर रखा गया हथियारों और विस्फोटक सामग्री का डंप मिला। पुलिस ने वहां से .303 रायफल, दो सिंगल शॉट रायफल, दो देशी पिस्टल और एक BGL लॉन्चर बरामद किया। इसके साथ 10 BGL सेल, 21 जिंदा कारतूस, सात डेटोनेटर और करीब 150 मीटर केबल वायर भी जब्त की गई। पुलिस को मौके से दो मैगजीन, दो कुकर, तीन वॉकी-टॉकी, तीन चार्जर और दो वॉकी-टॉकी बैटरियां भी मिली हैं।

बरामद सामग्री को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार माओवादी दुर्गम और घने जंगलों का फायदा उठाकर हथियार, विस्फोटक और संचार उपकरण अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखते हैं। जरूरत पड़ने पर इन सामग्रियों को निकालकर सुरक्षा बलों पर हमला करने, विस्फोट करने या अन्य नक्सली गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस का कहना है कि ऐसे डंप विशेष रूप से नक्सल सप्ताह, चुनावी गतिविधियों या सुरक्षा बलों की आवाजाही के दौरान उपयोग में लाए जाने की आशंका रहती है। कोपर्शी जंगल से बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री भी इसी तरह के किसी हमले या घातपात की तैयारी का हिस्सा हो सकती थी। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अभियान के दौरान जवानों को अन्य माओवादी साहित्य भी मिला। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में इस सामग्री को घटनास्थल पर ही नष्ट कर दिया गया। पूरे ऑपरेशन में विशेष अभियान दल, प्राणहिता टीम, इंटेलिजेंस सेल और BDDS के जवान शामिल रहे। सीमा क्षेत्र में इस बरामदगी को सुरक्षा बलों की अहम सफलता माना जा रहा है, क्योंकि बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री एक साथ मिलने से किसी संभावित नक्सली वारदात को पहले ही रोका जा सका। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह डंप कितने समय से जंगल में छिपाकर रखा गया था और इसके पीछे कौन-सा माओवादी दल सक्रिय था।
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