छत्तीसगढ़

5 करोड़ के चेक बाउंस केस में कारोबारी को 2 साल की सजा

Shantanu Roy
7 Oct 2026 7:22 PM IST
5 करोड़ के चेक बाउंस केस में कारोबारी को 2 साल की सजा
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में करीब 5 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जेएमएफसी विकास खांडे की अदालत ने आरोपी कारोबारी विजय नागपुरे को दो मामलों में 2-2 साल की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी की ओर से जमानत आवेदन भी पेश किया गया, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। मामला कारोबारी लेन-देन और करीब 5 करोड़ रुपये के चेक बाउंस से जुड़ा है। आरोपी विजय नागपुरे नागूराव फर्म का डायरेक्टर बताया गया है। मामले में सुरेश अटलानी और कंचन अटलानी की ओर से अदालत में परिवाद प्रस्तुत किया गया था।
जानकारी के मुताबिक आरोपी द्वारा वर्ष 2015 में भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में प्रस्तुत किए गए थे, लेकिन खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने सहित संबंधित कारणों से चेक का भुगतान नहीं हो सका और वे बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए अदालत की शरण ली। मामले की सुनवाई लंबे समय तक चली। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से दस्तावेज और साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और पक्षकारों की दलीलों पर विचार करने के बाद विजय नागपुरे को दोषी माना।
जेएमएफसी विकास खांडे की अदालत ने दोनों प्रकरणों में आरोपी को 2-2 वर्ष की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने पीड़ितों को राशि दिए जाने के निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट के आदेश के अनुसार सुरेश अटलानी को 4 करोड़ रुपये और कंचन अटलानी को 1 करोड़ रुपये दिए जाने हैं। बताया गया है कि आरोपी विजय नागपुरे वर्ष 2024 से फरार चल रहा था। न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण उसके खिलाफ स्थायी वारंट भी जारी किया गया था। बाद में आरोपी के अदालत के समक्ष आने के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की गई।
सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी की तरफ से जमानत के लिए आवेदन लगाया गया। अदालत ने मामले की परिस्थितियों पर विचार करते हुए जमानत आवेदन स्वीकार नहीं किया और उसे खारिज कर दिया। इसके बाद आरोपी विजय नागपुरे को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। करीब पांच करोड़ रुपये के इस चेक बाउंस प्रकरण में अदालत के फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से लंबित मामले में फैसला आने के बाद पीड़ित पक्ष को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सजा के साथ ही राशि भुगतान को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के आदेश के अनुसार चलेगी।
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