छत्तीसगढ़
बिलासपुर में साइबर ठगों का बड़ा खेल, 100 से ज्यादा खातों में भेजे पैसे
Shantanu Roy
20 Oct 2026 11:54 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रयास पब्लिक स्कूल के बैंक खाते का कथित तौर पर म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर 1 करोड़ 12 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया। स्कूल संचालक का मोबाइल कोलकाता में गुम होने के बाद साइबर ठगों ने कथित रूप से बैंक खाते तक पहुंच हासिल कर इस वारदात को अंजाम दिया। आरोप है कि जालसाजों ने पहले 800 रुपये का ट्रायल ट्रांजेक्शन किया और इसके बाद एक ही दिन में करोड़ों रुपये का लेनदेन कर रकम 100 से ज्यादा बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। मामले की शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने अपराध दर्ज कर केस डायरी कोलकाता भेज दी है।
कोलकाता में गुम हुआ था स्कूल संचालक का मोबाइल
जानकारी के अनुसार, राजकिशोर नगर निवासी डॉ. सचिन यादव प्रयास पब्लिक स्कूल के संचालक हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 10 अगस्त को वह कोलकाता गए थे। इस दौरान न्यू मार्केट थाना क्षेत्र के धरमतला के पास उनका मोबाइल फोन गुम हो गया। मोबाइल में जियो कंपनी का सिम कार्ड लगा हुआ था। काफी तलाश करने के बाद भी फोन नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अपने बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू की और जियो सेवा केंद्र पहुंचकर सिम बंद कराने का प्रयास किया। हालांकि, पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण सिम तत्काल बंद नहीं हो सका।
पहले 800 रुपये का किया ट्रायल ट्रांजेक्शन
स्कूल संचालक के अनुसार, उनका मोबाइल नंबर आईसीआईसीआई बैंक की राजकिशोर नगर शाखा में संचालित स्कूल के खाते से जुड़ा हुआ था। शिकायत के मुताबिक, साइबर ठगों ने कथित तौर पर इसी मोबाइल नंबर और बैंक खाते तक पहुंच हासिल की। इसके बाद 14 अगस्त को पहले 800 रुपये का ट्रायल ट्रांजेक्शन किया गया। फिर उसी दिन खाते में बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेनदेन होने लगे। आरोप है कि खाते के माध्यम से कुल 1.12 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया और रकम 100 से अधिक बैंक खातों में भेज दी गई।
खाते में थे महज 181 रुपये, फिर हुआ करोड़ों का लेनदेन
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि संदिग्ध लेनदेन शुरू होने से पहले स्कूल के बैंक खाते में केवल 181 रुपये शेष थे। इसके बावजूद खाते के माध्यम से 1.12 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। स्कूल संचालक का आरोप है कि साइबर ठगों ने खाते का इस्तेमाल ठगी से जुड़ी रकम को इधर-उधर भेजने के लिए किया। संदिग्ध लेनदेन के बाद खाते में केवल 29 रुपये बचे थे। हालांकि, खाते में इतनी बड़ी रकम कहां से आई और किन लोगों के खातों में भेजी गई, इसकी वास्तविक स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी।
16 अगस्त को दोबारा जारी कराया मोबाइल नंबर
डॉ. सचिन यादव ने 16 अगस्त को अपना पुराना मोबाइल नंबर दोबारा जारी कराया। इसके अगले दिन जब उन्होंने ईमेल की जांच की, तो बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली। इतनी बड़ी रकम के लेनदेन का पता चलने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने संबंधित जानकारी के आधार पर मामले की जांच शुरू की।
सरकंडा पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायत मिलने के बाद सरकंडा थाना पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े मामले में अपराध दर्ज किया है। घटना की शुरुआत कोलकाता में मोबाइल गुम होने से जुड़ी होने के कारण मामले की केस डायरी आगे की जांच के लिए कोलकाता भेज दी गई है। पुलिस अब संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन और मोबाइल नंबर के संभावित दुरुपयोग से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी।
मोबाइल गुम होने पर तुरंत सिम ब्लॉक कराएं
एएसपी सिटी पंकज पटेल ने बताया कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तुरंत संबंधित मोबाइल ऑपरेटर के सेवा केंद्र या कस्टमर केयर से संपर्क कर सिम बंद कराना चाहिए। इसके साथ ही बैंक को सूचना देकर यूपीआई और नेट बैंकिंग जैसी सुविधाएं अस्थायी रूप से बंद करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोबाइल गुम होने की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में भी देना जरूरी है, ताकि संभावित साइबर अपराधों से बचा जा सके।
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