छत्तीसगढ़
दुर्ग पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन, SSP विजय अग्रवाल ने की पूजा
Shantanu Roy
20 Oct 2026 5:28 PM IST

x
छग
Durg. दुर्ग। विजयादशमी के पावन अवसर पर दुर्ग पुलिस लाइन में मंगलवार को पारंपरिक शस्त्र पूजन, वाहन पूजन और हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जवानों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पुलिस विभाग की वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए विभागीय शस्त्रों और शासकीय वाहनों का पूजन किया गया। पूजा और हवन संपन्न होने के बाद निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार ब्लैंक कारतूसों से औपचारिक फायरिंग भी की गई। इस आयोजन के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया।
पुलिस लाइन में विधि-विधान से हुआ शस्त्र पूजन
दुर्ग पुलिस द्वारा प्रतिवर्ष विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन की परंपरा निभाई जाती है। इसी क्रम में 20 अक्टूबर 2026 को पुलिस लाइन परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और हवन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा की। उनके साथ उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस कर्मचारियों ने भी पूजन कार्यक्रम में भाग लिया। धार्मिक परंपरा के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में विभागीय हथियारों का पूजन कर शक्ति, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया।
हथियारों के साथ शासकीय वाहनों का भी पूजन
शस्त्र पूजन के साथ पुलिस विभाग के वाहनों की भी विधिवत पूजा की गई। पुलिस लाइन में उपलब्ध विभागीय वाहनों और राजपत्रित अधिकारियों के शासकीय वाहनों को पूजन कार्यक्रम में शामिल किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों ने वाहनों की पूजा-अर्चना की। पुलिस विभाग में शस्त्रों और वाहनों का विशेष महत्व है, क्योंकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपात परिस्थितियों में नागरिकों की सहायता के लिए इनका उपयोग किया जाता है। विजयादशमी पर इनका पूजन पुलिस विभाग की पारंपरिक गतिविधियों में शामिल है।
हवन के बाद ब्लैंक कारतूसों से औपचारिक फायरिंग
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधि-विधान से हवन संपन्न कराया गया। इसके बाद परंपरा के अनुसार औपचारिक फायरिंग की गई। पुलिस विभाग की ओर से बताया गया कि यह फायरिंग निर्धारित प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ब्लैंक कारतूसों से की गई। ब्लैंक कारतूसों का उपयोग इस प्रकार के औपचारिक आयोजनों में किया जाता है। इस दौरान सुरक्षा से जुड़े आवश्यक नियमों का पालन किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
विजयादशमी के अवसर पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोभराज अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणिशंकर चन्द्रा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल सहित राजपत्रित अधिकारी तथा विभिन्न थानों के थाना प्रभारी शामिल हुए। इसके अलावा पुलिस लाइन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने में पुलिस लाइन के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विजयादशमी पर शस्त्र पूजन का विशेष महत्व
विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। इस दिन शस्त्र पूजन की परंपरा का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। पुलिस विभाग के लिए शस्त्र केवल सुरक्षा के उपकरण नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की रक्षा करने की जिम्मेदारी का भी प्रतीक हैं। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों और जवानों ने अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण की भावना व्यक्त की।
अनुशासन और जनसुरक्षा का दिया संदेश
दुर्ग पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम के माध्यम से विभागीय परंपराओं, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को रेखांकित किया गया। पुलिस विभाग ने आयोजन के जरिए स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्रमुख जिम्मेदारी है। पारंपरिक पूजा-अर्चना, हवन और औपचारिक फायरिंग के साथ विजयादशमी का यह आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों की सहभागिता ने विभागीय एकता और सेवा भावना का संदेश दिया।
Next Story





