छत्तीसगढ़
GST टीम का बड़ा छापा, 6 कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश
Shantanu Roy
15 Sept 2026 7:42 PM IST

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Bilaspur. बिलासपुर। जीएसटी स्टेट टीम ने टैक्स से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर बिलासपुर और मुंगेली जिले में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने दोनों जिलों में छह कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश देकर दस्तावेजों की जांच की। मुंगेली जिला मुख्यालय में तीन होटल और बिलासपुर की थोक मंडी व्यापार विहार में तीन व्यापारिक प्रतिष्ठान जांच के दायरे में हैं। जीएसटी की टीम स्टॉक, कंप्यूटर डेटा, खरीद-बिक्री के बिल और लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। जानकारी के मुताबिक बिलासपुर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र व्यापार विहार में गुटखा, ड्रायफ्रूट्स और तेल कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर जीएसटी स्टेट टीम पहुंची। अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों में मौजूद व्यापारिक रिकॉर्ड और टैक्स से संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की। कारोबार के वास्तविक आंकड़ों और जीएसटी रिटर्न में दर्ज जानकारी का मिलान किए जाने की बात सामने आई है।
इसी तरह मुंगेली जिला मुख्यालय में होटल और रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े तीन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि कुछ होटल और रेस्टोरेंट में कच्चे बिल के जरिए टैक्स बचाने की शिकायतें विभाग को मिली थीं। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के कारोबार और टैक्स रिकॉर्ड की जांच की गई। गेली के बावा होटल पर 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि जीएसटी चोरी सामने आने के बाद जुर्माने की पूरी रकम वसूल कर सरकारी खजाने में जमा करा दी गई है। हालांकि कार्रवाई के विस्तृत आधिकारिक दस्तावेज सामने आने के बाद जुर्माने और टैक्स देनदारी की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। जीएसटी विभाग की नजर हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनियों और उनसे जुड़ी संदिग्ध कारोबारी गतिविधियों पर भी है।
बिना वैध ई-वे बिल और कथित फर्जी इनवॉइस के जरिए माल परिवहन करने वाले नेटवर्क की जांच की जा रही है। ऐसे मामलों में दस्तावेजों के आधार पर माल की वास्तविक आवाजाही और बिलिंग के बीच अंतर का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार विभाग ने तीन वित्तीय वर्षों के रिटर्न की जांच के दौरान 115 से अधिक संदिग्ध बोगस डीलरों और कथित शेल कंपनियों को चिन्हित किया है। आरोप है कि इनमें से कुछ फर्मों के जरिए केवल कागजों पर कारोबार दिखाकर करोड़ों रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट ट्रांसफर किया गया। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई गई है। कार्रवाई के दौरान जीएसटी की टीमें कारोबारियों के स्टॉक का रिकॉर्ड से मिलान करने के साथ कंप्यूटर और डिजिटल डेटा की भी जांच कर रही हैं। खरीद-बिक्री के बिल, इनवॉइस, ई-वे बिल और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री भी जांच के दायरे में हैं। फिलहाल छह प्रतिष्ठानों पर जांच की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी है। दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल पूरी होने के बाद ही संबंधित कारोबारियों की वास्तविक टैक्स देनदारी और कथित अनियमितताओं की स्थिति स्पष्ट होगी।
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