छत्तीसगढ़
ED का बड़ा एक्शन पूर्व CM के OSD रहे एडिशनल कलेक्टर गिरफ्तार
Shantanu Roy
11 Sept 2026 9:38 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पदस्थ एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें छह दिनों की ईडी रिमांड पर भेज दिया। अब ईडी उनसे CGPSC भर्ती मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ करेगी।
चेतन बोरघरिया वर्ष 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) के पद पर कार्यरत रहे थे। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी के बाद CGPSC से जुड़े कथित घोटाले की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है। ईडी की टीम अब रिमांड अवधि के दौरान उनसे मामले से जुड़े विभिन्न तथ्यों और जांच में अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित भर्ती अनियमितताओं और पैसे के लेन-देन से जुड़े नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका रही।
1 सितंबर को चार जिलों में हुई थी छापेमारी
CGPSC मामले में ईडी ने इससे पहले 1 सितंबर को रायपुर, दुर्ग, धमतरी और जशपुर जिलों में पांच स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। यह कार्रवाई PMLA, 2002 के प्रावधानों के तहत की गई थी। इस दौरान ईडी ने उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार मामला CGPSC द्वारा आयोजित भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, प्रश्न-पत्र लीक और भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। ईडी ने EOW-ACB रायपुर और CBI-ACB रायपुर की ओर से दर्ज दो एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। ये मामले CGPSC के तत्कालीन चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी और अन्य लोगों से संबंधित बताए गए हैं। आरोप वर्ष 2020 और 2021 में आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, हेरफेर और भ्रष्टाचार से जुड़े हैं।
लीक प्रश्न-पत्र के नाम पर तीन करोड़ से ज्यादा लेने का आरोप
ईडी की जांच में दावा किया गया है कि CGPSC परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र निजी बिचौलियों के माध्यम से कुछ आरोपी व्यक्तियों के रिश्तेदारों और चुनिंदा अभ्यर्थियों तक कथित तौर पर रिश्वत के बदले पहुंचाए गए। जांच एजेंसी का आरोप है कि इसके जरिए डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस जैसे महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर चयन प्रभावित करने की कोशिश की गई। ईडी के मुताबिक जांच में उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर की भूमिका भी सामने आई। आरोप है कि दोनों ने CGPSC-2021 परीक्षा के लीक प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराने का भरोसा देकर नौकरी के अभ्यर्थियों से नकद रकम ली और तीन करोड़ रुपए से अधिक की कथित अपराध से अर्जित आय जुटाई। जांच एजेंसी के अनुसार इसमें से लगभग 2.80 करोड़ रुपए अनिल चंद्राकर को सौंपे जाने की बात जांच में सामने आई है।
पूर्व CM कार्यालय से जुड़े नामों के इस्तेमाल का दावा
ईडी ने अपनी जांच में यह भी दावा किया कि उत्कर्ष चंद्राकर ने नौकरी के अभ्यर्थियों को प्रभावित करने और उनसे रकम लेने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े प्रभावशाली लोगों के नाम और पद का इस्तेमाल किया। एजेंसी के अनुसार इस दौरान केके चंद्रवंशी और तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ एक तत्कालीन OSD के नाम, पद और कथित प्रभाव का इस्तेमाल किए जाने से जुड़े तथ्य जांच में सामने आए हैं। इसी पूरे नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की ईडी जांच कर रही है। ईडी ने इस प्रकरण में इससे पहले 3 जून 2026 को भी तलाशी अभियान चलाया था। जांच एजेंसी का कहना है कि तलाशी में जुटाए गए साक्ष्यों, PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों, मोबाइल फोन से प्राप्त डिजिटल सामग्री और बैंक स्टेटमेंट के विश्लेषण के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच
ईडी के मुताबिक जांच में कथित अपराध से अर्जित रकम को हासिल करने, अपने पास रखने, छिपाने, अलग-अलग माध्यमों से ट्रांसफर करने और इस्तेमाल करने जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है। 1 सितंबर की तलाशी के दौरान दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात भी जब्त किए गए थे। इसी जांच के आगे बढ़ने के बाद अब एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी सामने आई है। अदालत से छह दिनों की रिमांड मिलने के बाद जांच एजेंसी के पास उनसे पूछताछ और पहले से उपलब्ध दस्तावेजी तथा डिजिटल साक्ष्यों से उनके बयानों का मिलान करने का अवसर होगा। CGPSC भर्ती मामले में ईडी की जांच फिलहाल जारी है। चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में आगे होने वाली पूछताछ और जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
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