छत्तीसगढ़

महादेव सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर की कोर्ट में पेशी, सुरक्षा सख्त

Shantanu Roy
4 Nov 2026 12:51 PM IST
महादेव सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर की कोर्ट में पेशी, सुरक्षा सख्त
x
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित सट्टा घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया गया। उसकी पेशी को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। इस बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) आरोपी से विस्तृत पूछताछ के लिए अदालत से कस्टोडियल रिमांड की मांग कर सकती है।
जानकारी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर को मंगलवार को CBI की टीम दिल्ली से फ्लाइट संख्या E6 2307 के जरिए रायपुर लेकर पहुंची थी। इससे पहले उसे ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया था। केंद्रीय जांच एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी हुई थीं। उसके भारत आने को महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। दरअसल, सोमवार को सौरभ चंद्राकर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था। वहां CBI ने उसे रायपुर की विशेष अदालत तक पहुंचाने के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर ली। इसके बाद CBI को आरोपी को रायपुर लाने की अनुमति मिली।



दिल्ली की अदालत में सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने उसके प्रत्यर्पण की कानूनी वैधता को लेकर गंभीर सवाल उठाए। बचाव पक्ष का कहना था कि ओमान की अदालत ने भारत की ओर से भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले को मंजूरी दी थी, जबकि CBI के मामले को मंजूरी नहीं मिली थी। वकील ने दलील दी कि अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण नियमों के तहत किसी आरोपी के खिलाफ उन्हीं मामलों में मुकदमा चलाया जा सकता है, जिनके आधार पर उसका प्रत्यर्पण मंजूर हुआ हो। बचाव पक्ष ने इसे प्रत्यर्पण की शर्तों का उल्लंघन बताते हुए CBI की हिरासत और रिमांड की मांग पर आपत्ति जताई।
दूसरी ओर, CBI ने बचाव पक्ष की दलीलों का विरोध किया। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि रायपुर की विशेष CBI अदालत पहले ही सौरभ चंद्राकर के खिलाफ ओपन एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है। एजेंसी के अनुसार, ED और CBI के मामले आपस में जुड़े हुए हैं और दोनों की जांच महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से संबंधित है।
CBI की ओर से यह भी कहा गया कि दिल्ली की अदालत के सामने फिलहाल केवल आरोपी को रायपुर पहुंचाने के लिए ट्रांजिट रिमांड देने का सवाल था। प्रत्यर्पण की शर्तों और आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने के अधिकार से संबंधित कानूनी आपत्तियों पर रायपुर की विशेष अदालत विचार कर सकती है। दिल्ली की अदालत ने ट्रांजिट रिमांड मंजूर करते हुए आरोपी को 4 नवंबर तक रायपुर की विशेष अदालत में पेश करने का निर्देश दिया था। हालांकि, इस आदेश से प्रत्यर्पण संबंधी सभी कानूनी विवादों का अंतिम निपटारा नहीं हुआ है।
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों पर बड़े पैमाने पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित करने के आरोप हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क में विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, बैंक खातों और एजेंटों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। अब सबकी नजर रायपुर की विशेष CBI अदालत की कार्यवाही पर टिकी है। CBI आरोपी से पूछताछ के लिए रिमांड मांग सकती है। वहीं, बचाव पक्ष प्रत्यर्पण की शर्तों को लेकर अपनी आपत्तियां दोबारा उठा सकता है। अदालत के आगामी आदेश से मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय होगी।
Next Story