
रायपुर। रोशन साहू 'मोखला' (राजनांदगांव) ने एक कविता ई मेल किया है...
खत्म हो गई गर्मी छुट्टी, अब खुल गई स्कूल।
पर ये मौसम बेहद जिद्दी, हुआ नही है कूल।।
मान जाओ सूरज दादा, छोड़ दो हमें सताना।
बहुत जरूरी है पढ़ाई,रोज हमें स्कूल है जाना।।
टीचर ने बतलाया था,ग्लोबल वार्मिंग की बात।
यह भी समझाया था कि,कैसे दे पाएं हम मात।।
गर जीवन में आगे बढ़ना, स्कूल जाना ना भूल।
गरमी को तू कर किनारे, अब ना दे इतना तूल।।
विद्या से बढ़ता मान,चलो कियारा चलो रिशान।
गणित अंग्रेजी के संग,अच्छा लगता है विज्ञान।।
पुस्तक- कॉपी नई-नई,यूनिफार्म भी नया- नया।
अहा! इनसे आती खुशबू,हाथ लगा लोरी,जया।।
मध्यान्ह भोजन करते, सब मिल- जुल कर वहीं।
साथ बैठकर खाने का, मजा न आता और कहीं।।
टीचर जी हमको सुनाते, नई-नई रोज कहानियाँ।
ध्यान लगाकर पढ़ना सुनना,न करना शैतानियाँ।।





