छत्तीसगढ़

रेरा में पंजीयन के बगैर जमीन की हो रही खरीदी-बिक्री

Nilmani Pal
17 Jan 2026 11:06 AM IST
रेरा में पंजीयन के बगैर जमीन की हो रही खरीदी-बिक्री
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सोशल मीडिया में रील बनाकर प्रोजेक्ट का प्रेजेन्टेशन

रेरा में पंजीयन के बगैर जमीन की हो रही खरीदी-बिक्री

फ्री रजिस्ट्री और आकर्षक सुविधाओं का झांसा देकर लोगों को कर रहे गुमराह

छत्तीसगढ़ में रेरा कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही

रायपुर (जसेरि)। रियल स्टेट कारोबार से जुड़े हर काम के लिए छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण(रेरा) में पंजीयन अनिवार्य है बावजूद राजधानी रायपुर समेत समूचे जिले में बिल्डर-दलाल बिना पंजीयन के जमीन, मकान, फ्लैट की खरीदी बिक्री कर रहे हैं। शहरों के आउटर में बड़ी-बड़ी कालोनियां खड़ी हो रही है। जहां बिना पंजीयन के ही जमीन की प्लाटिंग कर जमीन और मकान बेचे जा रहे हैं। जमीन कारोबार से जुड़े लोग सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए आनलाइन खरीदी बिक्री कर रहे हैं। जिससे कई प्रोजेक्ट रेरा के संज्ञान में नहीं आ पाते और बिल्डर दलाल मोटी कमाई कर रहे हैं। हालाकि छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने बिना पंजीयन निर्माण कार्य शुरू करने वाले बिल्डरों और प्रोजेक्ट्स पर सख्ती तेज कर दी है। ऐसे प्रोजेक्ट्स, जो भले ही टॉउन एंड कंट्री प्लानिंग से स्वीकृत हैं, लेकिन अब तक रेरा अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं, उन पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बता दें कि रेरा ने इन सभी प्रोजेक्ट संचालकों को प्रारंभिक नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांग रहा है ताकि अवैध प्रोजेक्ट पर कार्रवाई की जा सके।

136 प्रोजेक्ट की खुद से की जांच

रेरा की रजिस्ट्रार आस्था राजपूत ने बताया कि प्राधिकरण ने बीते 7 वर्षों में 136 ऐसे प्रोजेक्ट्स की जांच खुद के संज्ञान से की, जिनमें पहले कोई शिकायत दर्ज नहीं थी। जांच में गड़बडिय़ां सामने आने के बाद इन प्रोजेक्ट्स पर भारी जुर्माना लगाया गया और संपत्ति की खरीदी-बिक्री पर रोक भी लगाई गई। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि फ्लैट, प्लॉट, विला या कमर्शियल यूनिट खरीदने से पहले यह जरूर जांच लें कि संबंधित प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत है या नहीं। यह जानकारी रेरा की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

रेरा का सख्त निर्देश

रेरा अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी बिल्डर रेरा में पंजीयन के बिना न तो निर्माण कार्य प्रारंभ कर सकता है और न ही खरीदी-बिक्री कर सकता है। यह रेरा अधिनियम का उल्लंघन है। यह आम नागरिकों के हितों के लिए भी घातक साबित हो सकता है। रेरा की इस सख्ती को रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

पड़ताल में चिन्हित किए गए प्रोजेक्ट्स

रेरा की ओर से की गई प्रारंभिक पड़ताल में 106 प्रोजेक्ट्स चिन्हित किए गए हैं जहां निर्माण कार्य या बिक्री रेरा पंजीयन के बिना शुरू किया गया। इनमें से कई प्रोजेक्ट ऐसे भी हैं, जहां ब्रोशर में दिए गए वादों के अनुसार निर्माण नहीं हुआ, या काम समय पर पूरा नहीं किया गया। प्राधिकरण अब ऐसे बिल्डरों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया में जुटा है। इनका पंजीयन रद्द करने के साथ-साथ कई गुना आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा।

दो भूमि स्वामियों पर 5 लाख रुपये का अर्थदंड

इसी महीने छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के उल्लंघन पर कठोर कदम उठाते हुए रायपुर के दो भूमि स्वामियों गोवर्धन और रामानुज पर 5 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है। प्राधिकरण के संज्ञान में यह मामला आया कि दोनों भूमि स्वामी ओम फार्म, लखोली रेलवे स्टेशन नाम से प्लॉट विकसित कर बिना वैध क्रश्वक्र्र पंजीकरण के विज्ञापन, प्रचार-प्रसार और विक्रय का कार्य कर रहे थे। यह गतिविधि अधिनियम की धारा 3 का स्पष्ट उल्लंघन है। धारा 3 के अनुसार, किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का रेरा पंजीकरण कराए बिना उसके प्रचार, बुकिंग अथवा विक्रय का आमंत्रण देना पूर्णत: प्रतिबंधित है।

रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के उल्लंघन पर कठोर कदम उठाते हुए प्राधिकरण ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बिना पंजीकरण किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग, विज्ञापन या विक्रय को गंभीर कानूनी अपराध माना जाएगा। साथ ही, भविष्य में ऐसे मामलों पर और अधिक कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच, दस्तावेजों की पड़ताल एवं सुनवाई के बाद प्राधिकरण ने निष्कर्ष निकाला कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा कानून का उल्लंघन किया गया है। परिणामस्वरूप ष्टत्रक्रश्वक्र्र ने दोनों भूमि स्वामियों पर कुल 5 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।

तीन साल की सजा, पांच लाख तक जुर्माना का प्रावधान

छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा रेरा क़ानून को प्रभावशाली ढंग से लागू किया गया है। ज़मीन दलाल और एजेंट छत्तीसगढ़ के हर शहर, हर क़स्बे में हज़ारों की तादात में बन गए हैं लेकिन अधिकांश दलाल एजेंट या यूट्यूब, इंस्टाग्राम में रील बनाने वाले रीयल एस्टेट के इन कारोबारियों ने रेरा में अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवाए हैं। अधिकांश दलाल एजेंट जो वीडियो रील बनाकर इंस्टाग्राम में या सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म में मन भावन विज्ञापनों के जरिए प्रॉपर्टी बेचकर ठगी का धंधा चला रहे हैं। अधिकांश एजेंट दलाल जिन्होंने वीडियो रील बनायी है उनका रेरा में रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण खरीददार और बेचनेवाले दोनों ही इनके ठगी के शिकार होते जा रहे हैं। खऱीदार और लेवाल ठग दलाल का कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते हैं और कानूनी पचड़े में फंस रहे हैं। बाहर अन्य प्रदेशों से आए दलाल अनाप शनाप 420 कर ज़मीन का सौदा कर रहे हैं जो पूरी तरीक़े से ग़ैर क़ानूनी है। रेरा क़ानून के अंतर्गत ज़मीन के काम करने वाले बिलडर, ज़मीन दलाल, एजेंट और प्रॉपर्टी डीलर को पंजीयन कराना अति आवश्यक हैं। पंजीयन नहीं कराने पर पाँच लाख तक का जुर्माना और तीन साल जेल की सजा भी हो सकती है। फिर भी बेखौफ जमीन दलाल बिना पंजीयन जमीन-खरीदी बिक्री कारोबार कर रहे।

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