तीजन बाई को ललित कला अकादमी समूह ने श्रद्धांजलि अर्पित की

भिलाई। पद्मविभूषण तीजन बाई की मृत्यु पर ललित कला अकादमी छत्तीसगढ़ समूह से जुड़े हुए कलाकारों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। सुप्रसिद्ध मूर्तिकार ललित कला अकादमी, नई दिल्ली के बोर्ड मेंबर एवं राज्य कमेटी के चेयरमैन डॉ. अंकुश देवांगन ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए एक युग का अंत कहा है। श्रद्धांजलि सभा के दौरान डॉ. अंकुश देवांगन के साथ प्रकाश चौधरी, संजना मानिकपुरी, श्रीमती हेमावंती कुमार एवं कृष्णा मूर्ति विशेष रूप से मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ी कलाजगत के प्रख्यात मॉडर्न आर्ट चित्रकार डी.एस. विद्यार्थी ने छत्तीसगढ़ को अपनी वैश्विक पहचान खो देने का दर्द बताया है। वहीं ललित कला समूह से सुप्रसिद्ध चित्रकार हरीसेन, रोहिणी पाटणकर, मशहूर रंगकर्मी विभाष उपाध्याय, आचार्य महेशचंद्र शर्मा, विमान भट्टाचार्य, बी.एल. सोनी, सुधीर शर्मा, संतोष पराशर, प्रशांत क्षीरसागर, शक्तिपद चक्रवर्ती, प्रवीण कालमेघ, मूर्तिकार मोहन बराल, ब्रजेश तिवारी, बी.आर. बोरकर, उमाकांत ठाकुर, प्रकाश कौशिक, विजय शर्मा, तरूण धोटे, वीनी जोशी, पुरानिक साहू, जीतशेखर, साहित्यकार मेनका वर्मा, कोंडागांव से मीना देवांगन, दुर्ग से महेंद्र देवांगन, राजनांदगांव से सचिन थनवार निषाद, कुम्हारी से राष्ट्रपति पुरस्कृत गुरुजी परसराम साहू, रायपुर से शुभ्रा दुबे, विवेक सोलंकी, खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय से प्राध्यापक कपिल वर्मा, संदीप किंडो, महासमुंद से गिरजा निर्मलकर, तृप्ति खरे, अंतरराष्ट्रीय चित्रकार हुकुम लाल वर्मा, अमेरिका से कमलेश सक्सेना ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।





