छत्तीसगढ़

मजदूर को पीटकर अहिरन नदी में फेंका फिर 10 हज़ार लूटे

Shantanu Roy
8 Aug 2026 10:41 PM IST
मजदूर को पीटकर अहिरन नदी में फेंका फिर 10 हज़ार लूटे
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Korba. कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां बदमाशों ने एक 53 वर्षीय मजदूर के साथ बेरहमी से मारपीट करने के बाद उसे अहिरन नदी में फेंक दिया और उसके पास रखे करीब 10 हजार रुपये लूट लिए। गंभीर रूप से घायल मजदूर पूरी रात बारिश के बीच नदी किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा रहा। गनीमत रही कि नदी में बहते समय उसे एक लकड़ी का सहारा मिल गया, जिसकी मदद से वह किसी तरह किनारे तक पहुंच सका। सुबह राहगीरों की नजर पड़ने के बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
मामला कटघोरा थाना क्षेत्र के ग्राम जुराली का बताया जा रहा है। जुराली निवासी किशन लाल पटेल दीपका क्षेत्र में कोयला लेबलिंग का काम करता है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर शाम वह करीब सात दिन बाद मजदूरी का काम पूरा कर अपने घर लौट रहा था। गांव से कुछ दूरी पर उसे कुछ लोग शराब पीते हुए मिले। किशन लाल भी उनके साथ बैठ गया और शराब पीने लगा। बताया जा रहा है कि इसी दौरान बदमाशों को जानकारी हुई कि किशन लाल के पास मजदूरी से मिले करीब 10 हजार रुपये हैं। इसके बाद उनकी नीयत बदल गई। आरोप है कि बदमाशों ने किशन लाल को जबरदस्ती अपनी बाइक पर बैठाया और अहिरन नदी के किनारे पंप हाउस के पास ले गए। वहां उसके साथ जमकर मारपीट की गई।
मारपीट के बाद आरोपियों ने किशन लाल को नदी में धकेल दिया। उस समय नदी में पानी का बहाव तेज था और लगातार बारिश भी हो रही थी। नदी में गिरने के बाद किशन लाल बहने लगा। इसी दौरान उसे एक लकड़ी का टुकड़ा मिल गया। उसने लकड़ी को पकड़ लिया और किसी तरह बहते पानी से निकलकर नदी के किनारे पहुंचा। इसके बाद वह गंभीर रूप से घायल होने के कारण वहीं बेहोश हो गया। पूरी रात बारिश के बीच किशन लाल नदी किनारे पड़ा रहा। अगले दिन सुबह वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने उसे अर्धबेहोशी की हालत में देखा। उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और मारपीट के कारण उसका चेहरा बुरी तरह सूज गया था। राहगीरों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और घायल किशन लाल को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा ले गए।
किशन लाल की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल में उपचार के दौरान जब उसकी हालत कुछ संभली तो उसने अपने बेटे सुरेश और अन्य परिजनों को पूरी घटना के बारे में बताया। उसने बताया कि किस तरह बदमाशों ने उसे अपने साथ ले जाकर मारपीट की और नदी में फेंक दिया। साथ ही उसके पास रखी मजदूरी की रकम भी लूट ली। घटना की जानकारी पुलिस को मिलने के बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। हालांकि, घायल की गंभीर हालत को देखते हुए पुलिस तत्काल उसका विस्तृत बयान दर्ज नहीं कर सकी। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और क्या आरोपियों की पहचान पीड़ित ने की है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि जुराली, कर्सनिया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस घटना में शामिल आरोपी किसी अवैध शराब गतिविधि से जुड़े हैं या नहीं। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था और अवैध शराब के कारोबार को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब के अवैध कारोबार पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाए तो ऐसी आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और घायल किशन लाल का उपचार जारी है।
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