
भिलाई। प्रख्यात मॉडर्न आर्ट चित्रकार डी.एस. विद्यार्थी की पेंटिंग का चयन राष्ट्रीय कालिदास समारोह उज्जैन में हुआ है। वर्तमान में देशभर से आए प्रसिद्ध कलाकारों के पेंटिंग की प्रदर्शनी यहां जारी है। ज्ञात हो कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य से वे पहले कलाकार हैं जिनका चयन इस प्रतिष्ठित समारोह में हुआ है। वहीं कालिदास अकादमी ने उनकी पेंटिंग को आमंत्रण पत्र पर प्रकाशित करके उनकी कला को विशिष्ट सम्मान दिया है।
भिलाई इस्पात संयंत्र से सेवानिवृत चित्रकार डी.एस. विद्यार्थी अपनी शोख एवं चटख रंग की पेंटिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी खास चित्र शैली ने उन्हें सब कलाकारों से अलहदा स्थापित किया है। उज्जैन का कालिदास समारोह अपने भारतीय पारंपरिक कला के लिए पूरे देश में जाना जाता है। इस वर्ष यहां महाकवि कालिदास रचित प्रसिद्ध नाटक मालविकाग्निमित्रम पर चित्र और मूर्ति बनाने के लिए कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थी। जिसमें विद्यार्थी जी ने विषयानुकूल अत्यंत ही मनोहारी पेंटिंग का चित्रण किया है। ज्ञात हो कि विद्यार्थी जी भारतीय पारंपरिक कला के सशक्त हस्ताक्षर हैं। वे गीता के 700 श्लोकों पर भी पेंटिंग बना रहे हैं। अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन वे देश के अनेक शहरों में करते रहे हैं। छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वे वर्षों से बच्चों को निशुल्क कला सिखाते आ रहे हैं। उन्हें अनेक राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हैं। उनकी पेंटिंग का चयन होने पर सुप्रसिद्ध चित्रकार बी.एल. सोनी, मूर्तिकार मोहन बराल, प्रवीण कालमेघ, मीना देवांगन, साहित्यकार मेनका वर्मा एवं ललित कला अकादमी, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ से प्रथम बोर्ड मेंबर डा. अंकुश देवांगन ने बधाई दी है।





