छत्तीसगढ़

ईरानी डेरा के निगरानी बदमाश यासीन अली को मिली 10 साल की सजा

Shantanu Roy
6 Jun 2025 7:16 PM IST
ईरानी डेरा के निगरानी बदमाश यासीन अली को मिली 10 साल की सजा
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छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के ईरानी डेरा क्षेत्र से जुड़े कुख्यात निगरानी बदमाश यासीन अली को आज न्यायालय ने NDPS एक्ट (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट) के तहत दर्ज मामले और हत्या के प्रयास की संगीन धाराओं में दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है। यह फैसला रायपुर के अपराध इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
यासीन अली – लंबे समय से अपराधों में सक्रिय
यासीन अली का नाम राजधानी के अपराध जगत में एक जाना-पहचाना नाम है। वह ईरानी डेरा इलाके में कई सालों से गुंडागर्दी, अवैध नशा कारोबार, और मारपीट जैसी गतिविधियों में लिप्त रहा है। पुलिस की निगरानी सूची में उसका नाम कई वर्षों से दर्ज है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, अवैध नशा व्यापार, और आर्म्स एक्ट के तहत दर्जनों मामले दर्ज हैं। विशेष सूत्रों के अनुसार, यासीन अली न केवल स्वयं अपराध में लिप्त था, बल्कि उसने अपने आसपास एक पूरा आपराधिक नेटवर्क तैयार कर रखा था, जो नशा बेचने, अवैध वसूली और दहशत फैलाने का काम करता था।
NDPS और हत्या के प्रयास का मामला
वर्तमान मामले में पुलिस ने यासीन अली को गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी में रंगे हाथ पकड़ा था। उसके कब्जे से भारी मात्रा में गांजा, प्रतिबंधित नशीली दवाएं और नकद राशि बरामद की गई थी। इसके साथ ही, एक अलग प्रकरण में उस पर एक व्यक्ति की हत्या का प्रयास करने का भी गंभीर आरोप था, जिसमें उसने नशे की हालत में धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया था। इन दोनों मामलों को विशेष NDPS कोर्ट में संयुक्त रूप से प्रस्तुत किया गया था। पर्याप्त सबूतों, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने उसे दोषी पाया।
कोर्ट का सख्त रुख, सजा और जुर्माना
आज कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद यासीन अली को NDPS एक्ट की धारा 20(b), 21 और 29 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत दोषी माना। न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि समाज में भय फैलाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले अपराधियों के लिए कोई भी सहानुभूति नहीं हो सकती। कोर्ट ने यासीन अली को 10 वर्षों की सश्रम कैद और 1 लाख रुपये के आर्थिक दंड से दंडित किया है। दंड की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस और अभियोजन पक्ष की बड़ी सफलता
यह फैसला पुलिस और अभियोजन पक्ष की सक्रियता और प्रभावशाली पैरवी का परिणाम है। रायपुर पुलिस ने मामले में साक्ष्य जुटाने से लेकर चार्जशीट तैयार करने तक बेहद सख्त और सटीक कार्रवाई की। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष साक्ष्यों और गवाहों को मजबूती से प्रस्तुत किया, जिसके चलते आरोपी को दोषी ठहराया गया। रायपुर पुलिस अधीक्षक ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, "यह फैसला उन अपराधियों के लिए सख्त संदेश है जो सोचते हैं कि कानून उन्हें छू नहीं सकता। NDPS जैसे गंभीर मामलों में
न्यायालय की सख्ती
बेहद जरूरी है, ताकि समाज को नशे के जहर से बचाया जा सके।"
इलाके में मिली राहत की सांस
ईरानी डेरा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने भी इस फैसले पर संतोष जताया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यासीन अली की गिरफ्तारी और अब उसे मिली सजा से इलाके में दहशत का माहौल कम हुआ है। लोगों को उम्मीद है कि पुलिस आगे भी इस तरह के सक्रिय गुंडों और नशा कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती रहेगी।
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