भीषण गर्मी को देखते हुए दोपहर में पशु चालित वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध

Mahasamund. महासमुंद। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए महासमुंद जिला प्रशासन ने पशुओं की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। छत्तीसगढ़ राज्य जीव जन्तु कल्याण बोर्ड, रायपुर के निर्देश पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने यह निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य गर्मी के दौरान पशुओं पर होने वाली क्रूरता और उनके स्वास्थ्य जोखिमों को रोकना है।
जारी आदेश के अनुसार, परिवहन एवं कृषिक पशुओं पर क्रूरता निवारण नियम 1965 के नियम 6(3) के तहत यह पाया गया है कि अत्यधिक गर्मी में पशुओं पर सामान ढोने या सवारी के रूप में उपयोग करने से उनके बीमार होने और मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने जिले में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच पशु-चालित वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया है।
इस प्रतिबंध के तहत टांगा, बैलगाड़ी, भैंसा गाड़ी, ऊंट गाड़ी, खच्चर गाड़ी, टहू गाड़ी और गधा गाड़ी जैसे सभी पशु-आधारित परिवहन साधनों पर रोक लागू रहेगी। इस दौरान इन वाहनों से किसी भी प्रकार का भार ढोने या सवारी कराने की अनुमति नहीं होगी। यह आदेश 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भीषण गर्मी के समय दोपहर के घंटों में तापमान सबसे अधिक होता है, जिससे पशुओं पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। ऐसे में लंबे समय तक काम करवाने से उनकी तबीयत बिगड़ सकती है और कई मामलों में उनकी मृत्यु भी हो सकती है। इसी कारण यह रोक लगाई गई है।
कलेक्टर कार्यालय ने सभी वाहन चालकों, पशु मालिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस आदेश का पूरी तरह पालन करें और निर्धारित समय में पशुओं का उपयोग न करें। प्रशासन ने कहा है कि यह कदम पशु कल्याण और मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निगरानी रखें और नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं।
स्थानीय स्तर पर इस फैसले का मिश्रित असर देखा जा रहा है। कुछ लोगों ने इसे पशु सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है, जबकि कुछ का कहना है कि इससे ग्रामीण परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। हालांकि प्रशासन का मानना है कि पशुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और गर्मी के मौसम में यह कदम जरूरी है।
फिलहाल जिले में जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा ताकि लोगों को इस आदेश की जानकारी मिल सके और वे नियमों का पालन करें। प्रशासन ने भरोसा जताया है कि जनता सहयोग करेगी और पशुओं के हित में इस फैसले को सफल बनाएगी।





