रायपुर में रिटायर्ड क्लर्क को CBI का डर दिखाकर 14 लाख की धोखाधड़ी

रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर अपराधियों द्वारा डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी करने का एक और बड़ा मामला सामने आया है। इस बार शातिर ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर शिक्षा विभाग से रिटायर्ड एक बुजुर्ग क्लर्क से 14 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। यह घटना रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र की है।
मिली जानकारी के अनुसार शीतला मंदिर के पीछे गली नंबर 01 में रहने वाले 63 वर्षीय रामेश्वर प्रसाद देवांगन ने पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वे शिक्षा विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। रामेश्वर प्रसाद को 14 जुलाई की दोपहर एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसे वे उठा नहीं सके। करीब 15 मिनट बाद फिर से एक अन्य नंबर से कॉल आया, जिसमें खुद को टेलीफोन डिपार्टमेंट का अधिकारी बताया गया। कॉल करने वाले ने कहा कि उनके नंबर को जांच के लिए कुछ समय के लिए बंद किया जा रहा है और अधिक जानकारी के लिए 0 दबाने को कहा। जैसे ही उन्होंने निर्देश के अनुसार 0 दबाया कॉलर ने बताया कि उनके नाम से एफआईआर नंबर MH 5621/0425 दर्ज है और अब सीबीआई जांच चल रही है।
कुछ देर बाद एक और कॉल आया जिसमें खुद को सीबीआई अधिकारी रजनीश मिश्रा बताया गया और व्हाट्सऐप खोलकर एक फोटो और पत्र देखने को कहा गया। फोटो में एक व्यक्ति का नाम नरेश गोयल बताया गया और उसे पहचानने को कहा गया। जब रामेश्वर ने पहचान से इंकार किया तो उन्हें बताया गया कि गोयल के घर छापे के दौरान उनका एटीएम कार्ड मिला है जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। कॉलर ने रामेश्वर प्रसाद को मुंबई जाकर बयान देने को कहा और इनकार करने पर गिरफ्तारी की धमकी दी। फिर ‘सीनियर सिटीजन’ होने का हवाला देकर ऑनलाइन बयान दर्ज कराने की बात कही गई। इसके लिए एक पत्र भेजने को कहा गया, जिसे ठगों ने सीबीआई कोर्ट द्वारा स्वीकृत दिखाते हुए सील-ठप्पा लगाकर वापस व्हाट्सऐप पर भेज दिया।





