छत्तीसगढ़

पोल्ट्री फार्म की आड़ में चल रहा था अवैध गुटखा

Shantanu Roy
21 Sept 2026 12:53 PM IST
पोल्ट्री फार्म की आड़ में चल रहा था अवैध गुटखा
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सेंट्रल जीएसटी का दुर्ग में 2 जगह कार्रवाई
फैक्ट्री गोदाम में 30 बोरे तैयार गुटखा मिला
रायपुर/दुर्ग। दुर्गे में अवैध गुटखा कारोबार पर रविवार को डीजीजीआई (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस) ने बड़ी कार्रवाई की। सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने कुम्हारी स्टेशन चौक स्थित एक गोदाम और नगपुरा के पास खुर्सीडीह गांव के खेतों के बीच बने पोल्ट्री फार्म हाउस में छापा मारा। दोनों जगहों पर शनिवार देर रात से कार्रवाई शुरू की गई। रविवार दोपहर विभाग ने गुटखा बनाने की मशीनें और बड़ी मात्रा में तैयार गुटखा जब्त किया। अधिकारियों ने टैक्स संबंधी दस्तावेजों और कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की, जिसके बाद दोनों ठिकानों से टीम लौट गई। जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच टीम कुम्हारी पहुंची। करीब 10 से 12 अधिकारियों की टीम तीन वाहनों से स्टेशन चौक के पास स्थित गोदाम में पहुंची और रातभर जांच की।
यहां कथित तौर पर सुरेश गुप्ता के बताए जा रहे गोदाम से गुटखा निर्माण और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली दो मशीनें तथा 30 से ज्यादा बोरे तैयार गुटखा मिला। प्रारंभिक तौर पर जानकारी सामने आई है कि यहाँ 'सितार' कंपनी के नाम से गुटखा तैयार किया जा रहा था। टीम ने मशीनों, तैयार माल और दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। दूसरी कार्रवाई नगपुरा के पास खुर्सीडीह गांव में हुई। यहां आबादी से करीब 2 से 2.5 किमी अंदर खेतों के बीच बने एक पोल्ट्री फार्म हाउस को अवैध गुटखा निर्माण के खबर का असरा जनता से रिश्ता : हमारी खबर सच निकली लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक करीब 40-45 दिन पहले इस रास्ते पर ताला लगा दिया गया था। पहले किसान इसी रास्ते से खेतों तक आते-जाते थे, लेकिन कुछ समय से आवाजाही पूरी तरह बंद थी।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि यहां रोज एक मालवाहक वाहन की आवाजाही होती थी। यह फार्म हाउस खुसर्सीडीह निवासी पूर्व नेता संजय देशमुख के नाम पर बताया जा रहा है। देशमुख के अनुसार, उन्होंने 18 अगस्त को यह फार्म हाउस दल्लीराजहरा (बालोद) निवासी सब्बीर रजा को किराए पर दिया था। एग्रीमेंट पोल्ट्री फार्म संचालन के लिए किया गया था और किराया 35 हजार रुपए प्रतिमाह तय हुआ था। अब जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस फार्म हाउस का इस्तेमाल वास्तव में कव से और किसके द्वारा किया जा रहा था। अधिकारियों की ओर से फिलहाल कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि गुटखे का निर्माण और विक्री किस नेटवर्क के जरिए हो रही थी, माल कहां सप्लाई किया जाता था।
कारोबार में जीएसटी व अन्य कर नियमों का पालन हुआ है या नहीं। जब्त माल की वास्तविक कीमत और संभावित टैक्स देनदारी का आकलन दस्तावेजों की जांच के बाद ही सामने आएगा। साक्ष्य मिटाने की कोशिश, जले मिले रैपर: फार्म हाउस के अंदर कई कमरे बनाए गए थे। जांच के दौरान इन कमरों में गुटखे के अवशेष और अन्य सामग्री मिली। एक कमरे में सैकड़ों गुटखे के रैपर जले हुए मिले। इससे आशंका जताई जा रही है कि टीम के पहुंचने से पहले ही साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई थी। टीम ने यहां से भी गुटखा बनाने की
मशीन
और कई बोरे तैयार गुटखा जब्त किया है। 'सितार' ब्रांड को लेकर पहले भी हुई कार्रवाई प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह अवैध निर्माण 'सितार' गुटखा के नाम पर किया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक, इसके पहले दुर्ग पुलिस और खाद्य विभाग भी सितार गुटखा निर्माण के मामले में कारोबारी जगदीश शदाणी और गुरमुख जुमनानी पर कार्रवाई कर चुके हैं। बावजूद इसके फर्जीवाड़ा रोका नहीं गया और पोल्ट्री फार्म के नाम पर काम होता रहा।
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