छत्तीसगढ़
हाइपर क्लब में हाइपर पार्टी, तेलीबांधा टीआई ने लिया एक्शन
Shantanu Roy
11 May 2025 10:09 PM IST

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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित 'हाइपर क्लब' में शनिवार देर रात तेलीबांधा थाना पुलिस ने छापामार कार्रवाई करते हुए क्लब को तत्काल बंद करा दिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब रात 12 बजे के बाद भी क्लब में गौरान नामक युवक का जन्मदिन समारोह जारी था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि क्लब के भीतर शराब के साथ डांस पार्टी चल रही थी। युवक-युवतियां भद्दे और भड़कीले कपड़ों में नाचते पाए गए, जिनमें से कुछ नाबालिग भी शामिल थे।
बताया गया कि हाइपर क्लब पूर्व में भी विवादों में रहा है। यहां गोली चलने की घटनाएं, नशीले पदार्थों के अवैध उपयोग, और अश्लील गतिविधियों की शिकायतें पहले भी पुलिस को मिल चुकी हैं। इन शिकायतों को देखते हुए क्लब के संचालन पर पहले से ही निगरानी रखी जा रही थी। तेलीबांधा पुलिस की त्वरित कार्रवाई के तहत क्लब को सील कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि नाबालिगों की उपस्थिति और रात 12 बजे के बाद पार्टी जारी रहना, नियमों का उल्लंघन है और इसके लिए क्लब प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड पर स्थित ‘हाइपर क्लब’ अब केवल एक नाइट क्लब नहीं रह गया है, बल्कि यह अश्लीलता, देह व्यापार और नशे के कारोबार का संगठित अड्डा बन चुका है। क्लब की आड़ में राजधानी की संस्कृति और युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला किया जा रहा है। इस क्लब का संचालन स्वास्थ्य विभाग से निलंबित पूर्व बाबू जेम्स बेक कर रहा है, जो अपने भतीजे टीनू सिंह (निवासी बैकुंठपुर, जिला कोरिया) के साथ मिलकर राजधानी में अश्लील डांस, विदेशी युवतियों का कैबरे शो, देह व्यापार और ड्रग्स सप्लाई का गोरखधंधा चला रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, हाइपर क्लब में जानबूझकर पार्टी के दौरान झगड़े करवाए जाते हैं, जिससे युवाओं को डरा-धमकाकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती है। क्लब में आफ्टर पार्टी सुबह 5 बजे तक चलती है, जिसमें विशेष रूप से बुलवाई गई लड़कियां शामिल होती हैं, जिनमें से कई के एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि भी हुई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जेम्स बेक को इन लड़कियों की एचआईवी स्थिति की जानकारी होने के बावजूद वह उन्हें अलग-अलग ग्राहकों को सप्लाई कर रहा है। यह केवल अपराध ही नहीं, समाज के खिलाफ एक गंभीर साजिश है।
सूत्रों का दावा है कि जेम्स बेक का नेटवर्क केवल क्लब तक सीमित नहीं है। वह इन युवतियों को शहर के रसूखदारों, छुटभैया नेताओं और फर्जी अधिकारियों तक भी पहुंचाता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस अवैध कारोबार को किसी ऊंचे स्तर पर संरक्षण प्राप्त है। हाइपर क्लब अब मादक पदार्थों के व्यापार का भी अड्डा बन चुका है। यहां एमडीएमए (₹8000/ग्राम), ब्राउन शुगर (₹5000/ग्राम), कोकेन (₹18000/ग्राम), चिट्टा (₹10000/ग्राम), एसिड (₹2000/टिकट), मौली (₹2000/टैबलेट) और हाइब्रिड मरुआना (₹4500/ग्राम) जैसे खतरनाक ड्रग्स खुलेआम बेचे जा रहे हैं।
ये नशे युवाओं को नष्ट कर रहे हैं और समाज को बर्बादी की ओर धकेल रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी मात्रा में ड्रग्स रायपुर तक कैसे पहुंच रहे हैं और इसके पीछे कौन सी शक्तियां हैं जो इस पूरे काले कारोबार को बढ़ावा दे रही हैं? हाइपर क्लब में चल रहे ये सारे गैरकानूनी और अनैतिक कृत्य सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए खतरा नहीं हैं, बल्कि राज्य की युवा पीढ़ी के खिलाफ एक सुनियोजित नरसंहार के समान हैं। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि राजधानी को इस अंधेरे जाल से निकाला जा सके।
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