छत्तीसगढ़

पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने वाला पति गिरफ्तार

Shantanu Roy
3 Aug 2025 9:47 PM IST
पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने वाला पति गिरफ्तार
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छग
Bilaspur. बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र में पत्नी को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। यह मामला 5 अप्रैल 2025 की सुबह का है, जब श्याम नगर लिंगियाडीह निवासी अंकित उर्फ निक्कू देवांगन (26 वर्ष) की पत्नी सुलोचना देवांगन (24 वर्ष) ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना की सूचना खुद पति अंकित देवांगन ने पुलिस को दी थी। सूचना मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा
कार्रवाई
के उपरांत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्राथमिक रूप से मर्ग कायम कर मामले की जांच प्रारंभ की गई। जांच के दौरान जब पुलिस ने मृतिका के परिजनों के बयान लिए, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

परिजनों ने बताया कि सुलोचना और अंकित का विवाह फरवरी 2023 में हुआ था। विवाह के बाद से ही पति का व्यवहार ठीक नहीं था। उनकी एक डेढ़ साल की बेटी कायरा भी है। सुलोचना अक्सर बीमार रहती थी और इलाज के लिए पति से कई बार आग्रह करती थी, लेकिन आरोपी पति ने कभी उसकी चिकित्सा की व्यवस्था नहीं की। उल्टे वह उसे 'अनपढ़' कहकर ताना देता और मारपीट करता था। लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर आखिरकार सुलोचना ने आत्मघाती कदम उठा लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (बी) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय और मामले के जांच अधिकारी प्रआर विजय पाण्डेय ने आरोपी अंकित देवांगन को तलब कर पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। यह मामला एक बार फिर यह उजागर करता है कि दांपत्य जीवन में उत्पीड़न और उपेक्षा किस तरह एक महिला को आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने के लिए विवश कर सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवेचना आगे भी जारी रहेगी और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने यह भी अपील की है कि अगर किसी महिला को घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना या उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है, तो वे बिना संकोच स्थानीय थाना या महिला हेल्पलाइन पर संपर्क करें, ताकि समय रहते सहायता मिल सके और किसी अनहोनी को रोका जा सके।
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