छत्तीसगढ़

रायपुर ट्रैफिक जवानों की ईमानदारी: ऑटो से गिरे पर्स को सुरक्षित लौटाया, SSP ने की सराहना

Shantanu Roy
1 Aug 2025 10:46 PM IST
रायपुर ट्रैफिक जवानों की ईमानदारी: ऑटो से गिरे पर्स को सुरक्षित लौटाया, SSP ने की सराहना
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ट्रैफिक पुलिस के दो जवानों ने अपनी सतर्कता और ईमानदारी से मिसाल कायम की है। शहर की सड़कों पर सिर्फ ट्रैफिक को नियंत्रित ही नहीं किया जा रहा, बल्कि पुलिस के जवान जनता के प्रति अपने कर्तव्यों को भी पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता से निभा रहे हैं। इसका जीवंत उदाहरण शुक्रवार सुबह देखने को मिला, जब एक महिला यात्री का ऑटो में बैठने के दौरान गिरा हुआ पर्स ट्रैफिक जवानों ने न केवल सुरक्षित रखा, बल्कि उसे दस्तावेजों की पुष्टि के बाद सकुशल लौटा भी दिया। घटना यातायात थाना तेलीबांधा क्षेत्र की है। सुबह करीब 10:30 बजे, शांति नगर चौक एक्सप्रेस-वे ब्रिज के नीचे ट्रैफिक संचालन हेतु आरक्षक सदानंद पटेल व जयंत वर्मा की ड्यूटी लगी हुई थी।
इस दौरान ड्यूटी के बीच अचानक आरक्षक सदानंद पटेल को सड़क पर एक पर्स पड़ा हुआ दिखा। सतर्कता दिखाते हुए उन्होंने तुरंत पर्स को उठाकर सुरक्षित अपने पास रखा। पर्स की जांच करने पर उसमें एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज पाए गए। बिना देर किए जवानों ने दस्तावेजों के आधार पर संबंधित व्यक्ति की पहचान कर उनसे संपर्क किया। सूचना पाकर महिला यात्री मौके पर पहुंची। पूछताछ और पहचान सत्यापन के बाद ट्रैफिक जवानों ने पर्स उन्हें सौंप दिया। महिला ने ट्रैफिक पुलिस की इस ईमानदारी और मदद के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आज के समय में इस तरह की ईमानदारी और संवेदनशीलता बहुत कम देखने को मिलती है। मैं वास्तव में आभारी हूं।” उन्होंने कहा कि जिस विश्वास से पुलिस को देखा जाना चाहिए, वह इन जवानों ने आज कायम किया है।
इस घटनाक्रम की जानकारी जब रायपुर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. उमेद लाल सिंह और एएसपी (यातायात) डॉ. प्रशांत शुक्ला को मिली, तो उन्होंने दोनों आरक्षकों सदानंद पटेल और जयंत वर्मा की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण पुलिस बल की छवि को मजबूत करते हैं और अन्य जवानों के लिए प्रेरणा बनते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने वक्तव्य में कहा, "ट्रैफिक जवान सिर्फ यातायात संचालन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जनता के सुरक्षा और भरोसे का दायित्व भी निभाते हैं। इस घटना ने यह सिद्ध किया है कि रायपुर पुलिस न केवल सतर्क है, बल्कि संवेदनशील और जवाबदेह भी है।"
ट्रैफिक विभाग के अन्य अधिकारी भी इस कार्य की सराहना कर रहे हैं। यह घटना न केवल आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को बढ़ाने वाली है, बल्कि समाज में ईमानदारी, कर्तव्यपरायणता और नैतिक मूल्यों को भी बढ़ावा देती है। रायपुर ट्रैफिक पुलिस की यह सकारात्मक पहल और जवानों की तत्परता भविष्य में आने वाली पीढ़ियों को एक मजबूत संदेश देती है कि छोटे-छोटे कार्यों से भी समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। इस प्रकार, रायपुर ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने यह साबित कर दिया है कि जिम्मेदारी और ईमानदारी अगर साथ चलें, तो समाज में पुलिस की भूमिका सिर्फ कानून लागू करने वाली नहीं, बल्कि भरोसा जगाने वाली भी बन सकती है।
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