छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक, 11 और 25 अक्टूबर की परीक्षाएं अटकीं

Shantanu Roy
9 Oct 2026 2:39 PM IST
छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक, 11 और 25 अक्टूबर की परीक्षाएं अटकीं
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Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने दोनों पदों के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षाओं पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश कृष्ण राम महापात्र की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने आरक्षण व्यवस्था से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित आरक्षण प्रावधानों को चुनौती दिए जाने के बाद यह मामला अदालत पहुंचा है। राज्य सरकार ने सहायक शिक्षक और शिक्षक पदों पर नियुक्ति के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया था। इसके तहत विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की जानी थीं। हालांकि, विज्ञापन में
आरक्षण व्यवस्था
और रोस्टर को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रुंगटा ने पक्ष रखा। याचिका में मुख्य रूप से दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित आरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने सामान्य प्रशासन विभाग और समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा कि भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित पदों का प्रावधान किया गया है, लेकिन पूरी तरह दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को इसका लाभ नहीं दिया गया है।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि आरक्षण व्यवस्था लागू करने के तरीके में खामी होने के कारण पूरी तरह दृष्टिबाधित उम्मीदवार सहायक शिक्षक भर्ती में अवसर से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने इस व्यवस्था को समान अवसर के संवैधानिक अधिकार के विपरीत बताते हुए भर्ती विज्ञापन की शर्तों और आरक्षण रोस्टर को चुनौती दी है। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से आरक्षण से जुड़े प्रावधानों को लेकर तर्क प्रस्तुत किए गए। मामले पर विचार करते हुए डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने फिलहाल सहायक शिक्षक और शिक्षक पदों की लिखित परीक्षाओं के आयोजन पर रोक लगा दी है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सहायक शिक्षक पद की लिखित परीक्षा 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित होनी थी। वहीं, शिक्षक पद के लिए लिखित परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित थी। दोनों परीक्षाओं की तैयारियां की जा रही थीं, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद इनके आयोजन पर फिलहाल रोक लग गई है। सहायक शिक्षक भर्ती के अंतर्गत कुल 2,292 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इनमें ई-संवर्ग के 795 पद और टी-संवर्ग के 1,497 पद शामिल हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थी लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। अब आरक्षण व्यवस्था से जुड़े विवाद के कारण भर्ती प्रक्रिया में कानूनी अड़चन आ गई है।

इस आदेश का असर उन अभ्यर्थियों पर भी पड़ेगा, जो निर्धारित परीक्षा तिथियों के अनुसार अपनी तैयारियां कर रहे थे। परीक्षा पर रोक लगने से फिलहाल उन्हें आगे की प्रक्रिया को लेकर अदालत के अगले आदेश और संबंधित विभाग की सूचना का इंतजार करना होगा। मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल पूरी तरह दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ दिए जाने से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षण की व्यवस्था होने के बावजूद सभी पात्र श्रेणियों को समान अवसर नहीं दिया जा रहा है। इसी आधार पर भर्ती विज्ञापन और आरक्षण रोस्टर को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने इन आपत्तियों पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अब सरकार को अदालत के समक्ष भर्ती विज्ञापन में लागू
आरक्षण प्रावधानों
और संबंधित नियमों को लेकर अपना पक्ष रखना होगा। फिलहाल हाईकोर्ट का आदेश लिखित परीक्षाओं पर रोक से संबंधित है। भर्ती विज्ञापन को अंतिम रूप से निरस्त किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में परीक्षाओं के आयोजन और भर्ती प्रक्रिया की आगे की स्थिति अदालत में होने वाली सुनवाई तथा सरकार के जवाब के बाद स्पष्ट हो सकेगी। छत्तीसगढ़ में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह मामला महत्वपूर्ण हो गया है। एक ओर आरक्षण व्यवस्था को लेकर कानूनी विवाद है, वहीं दूसरी ओर हजारों उम्मीदवार परीक्षाओं के आयोजन का इंतजार कर रहे हैं। अब सभी की नजरें हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब और आगामी आदेश पर टिकी हैं।
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