
जशपुर। पुलिस ने एक ऐसे शातिर नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके कारनामे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। आरोपी बालक फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर उसमें हैंडसम लड़के की फोटो लगाकर ठगी व लूट की घटना को अंजाम देता था। आरोपी फेसबुक पर लड़कियों से चैट करता था और फिर उन्हें झांसे में लेकर मिलने बुलाता था। लड़कियां जैसे ही उससे मिलने के लिए आती थी तो आरोपी उनका मोबाइल, पर्स लूटकर भाग जाता था।
दरअसल, थाना कुनकुरी व थाना नारायणपुर क्षेत्र में दो अलग अलग नाबालिक बालिकाओं रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उनके पास एक फर्जी आईडी से फेसबुक व इंस्टाग्राम में फ्रेंड रिक्वेस्ट आया था, जिसको एक्सेप्ट किये थे। फिर चैटिंग से बातचीत होने लगी। इसी दौरान 26 जून को आरोपी ने शाम करीबन 7.30 बजे एक स्थान पर मिलने के लिए बुलाया। आरोपी नकाब लगाकर मोटर साइकल से नाबालिक बालिका के पास मिलने पहुंचा। आरोपी बालक ने जैसे ही नकाब हटाया तो लड़की घबरा गई। फेसबुक प्रोफाइल पिक में जिस लड़के की पिक थी वो लड़का नहीं था। आरोपी को देख पीड़िता घबराकर भागने लगी। तभी आरोपी ने उसे पकड़ लिया और धमकाते हुए उससे उसके मोबाइल फोन को लूट कर भाग गया था।
इसी तरह दूसरा मामला थाना दुलदुला क्षेत्र का है। पीड़िता ने थाना नारायणपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 जून को फेस बुक फ्रेंड का रिक्वेस्ट आया था। दोनों में बातचीत होने लगी थी। लडके ने एक दिन मिलाने बुलाया। पीड़िता पहुंची तो आरोपी बालक मुंह में गमछा बांधा हुआ था। पीड़िता को अपने मोटर साइकल में बैठा कर दुलदुला से नारायणपुर ले गया। इस दौरान वह अपने चेहरे पर गमछा को बांधे रखा था। नारायणपुर पहुंच कर जब आरोपी ने अपने चेहरे में बंधे गमछा को निकाला तो पीड़ित आरोपी को देखकर हैरान रह गई। प्रोफाइल में जिसकी फोटो लगी थी, वो लड़का नहीं था, बल्कि दूसरा लड़का था। पीड़िता डर गई और भागने लगी। मगर आरोपी ने उसे धमकाते हुए उससे मोबाइल फोन लूटकर ले लिया व उसके पास रखे 2000 रु को भी लूट लिया। इसके बाद आरोपी बालक पीड़िता को वही छोड़कर फरार हो गया। इतना ही नहीं पीड़िता बालिका के मोबाइल फोन से फॉरगेट पासवर्ड कर नया पासवर्ड जनरेट कर पीड़िता के अकाउंट से 25000 ट्रांजेक्शन कर लिया था।
दोनों लूट की घटनाएं लगातार हुईं थीं। दोनों लूट का पैटर्न भी एक था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी हेतु एक विशेष टीम बनाई। टीम में पुलिस की टेक्निकल टीम भी शामिल थी। पुलिस की टीम के द्वारा घटना में प्रयुक्त फेसबुक आईडी की जांच की गई। वह फर्जी निकली तथा फेसबुक में लगी फोटो भी फर्जी थी। पुलिस की टेक्निकल टीम के द्वारा फर्जी फेसबुक आईडी को ट्रेस करते हुए ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल किए गए यूपीआई ट्रांजेक्शन आईडी से संबंधित बैंक से संपर्क किया गया। जाँच में पता चला कि ट्रांजेक्शन थाना कुनकुरी क्षेत्र के एक 17 वर्षीय नाबालिक विधि से संघर्षरत बालक के द्वारा ऑपरेट किया जाता था। पुलिस टीम कार्रवाई करते हुए 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया। साथ ही उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन व मोटर साइकल को जब्त किया गया।





