छत्तीसगढ़
राज्यपाल रमेन डेका ने सारंगढ़ कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक ली
Shantanu Roy
9 April 2025 8:33 PM IST

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Sarangarh Bilaigarh. सारंगढ़ बिलाईगढ़। राज्यपाल रमेन डेका के सारंगढ़ प्रवास पर कलेक्ट्रेट सारंगढ़ में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर धर्मेश साहू, एसपी पुष्कर शर्मा सहित जिले के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
जल संरक्षण: पानी और महिला को सर्वोच्च प्राथमिकता से संरक्षण देने के लिए राज्यपाल ने अधिकारियों को कहा। राज्यपाल ने जल संरक्षण और ग्राउंड लेवल वाटर के लिए जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं पंचायती विभाग को नदी, नहर, चेकडैम, तालाब, डबरी, कुआं, वाटरशेड आदि के माध्यम से जल संरक्षण करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि नदियों को बहने दें, नदियां अपने आप साफ हो जाएंगे। वन विभाग के कैम्पा मद और पंचायत विभाग के मनरेगा जैसे कार्यों से जल संरक्षण की दिशा में कार्य करें।
अपने से संबंधित फील्ड में जाएं अधिकारी
राज्यपाल ने वन मंडल अधिकारी पुष्प लता टंडन से पूछे कि, पिछले 6 महीने में आप कितनी बार कौन सा जंगल गए हैं ? डीएफओ टंडन ने बताया कि वह बिलाईगढ़ के जंगल गई थीं। राज्यपाल ने कहा कि हमें नियमित रूप से अपने-अपने फील्ड जाते रहने चाहिए। फील्ड में जाने पर फील्ड की जानकारी होगी। राज्यपाल ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ में समाज को शामिल नहीं करते हैं। जैसे वृक्षारोपण में समाज का बहुत बड़ा योगदान हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह बस्तर, बालोद, बलौदा बाजार सुकमा जैसे जिलों का दौरा किए हैं, जहां सुकमा में जाने पर वहां के स्थानीय लोग किस कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं उन सब की जानकारी हुई। वहां के स्थानीय नागरिकों ने कहा कि आज तक कोई राज्यपाल सुकमा में नहीं आया है।
खेती
राज्यपाल को ब्लैक, ब्राउन, चावल उत्पादन, मिलेट मिशन, वर्मी कंपोस्ट आदि के संबंध में उप संचालक कृषि आशुतोष श्रीवास्तव ने जानकारी दी। राज्यपाल ने कहा कि दिल्ली और उत्तराखंड में बहुत अच्छा काम हुआ है। छत्तीसगढ़ में भी जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर सुलभ शौचालय का सेटअप रेलवे बस स्टैंड जैसे अन्य जगहों पर होना चाहिए, जहां आम नागरिक निशुल्क सुबह नहा कर अपने दिनचर्या पर निकल जाए। इस प्रकार की सुविधा जिला प्रशासन की ओर से दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को इस मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है। उन जरूरत मंद लोगों को सुलभ शौचालय जैसे सामाजिक सुविधा देना होगा। इससे समाज में राज्य सरकार और जिला प्रशासन का अच्छा संदेश जाएगा और उसको हमेशा यथावत बने रखने के लिए सुदृढ़ व्यवस्था करना होगा।
अधिकारियों को अपने विभाग की जानकारी होनी चाहिए
राज्यपाल ने सीएमएचओ डॉक्टर एफ आर निराला से टीबी मरीज को दिए जा रहे हैं सहयोग राशि किस योजना से आ रहा है, के संबंध में जानकारी लिया। सीएमएचओ के त्वरित रूप से जानकारी नहीं देने पर राज्यपाल ने कहा कि किसी भी अधिकारी को कौन सी योजना से कितनी राशि हितग्राहियों को मिल रही है जैसी मूलभूत जानकारी होनी चाहिए। अधिकारियों में हुमन टच होना चाहिए। श्रम विभाग की ओर से किए जा रहे योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के संबंध में राज्यपाल ने पूछा कि फैक्ट्री, खेत और अन्य क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिक के बच्चों के लिए क्या किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी एलपी पटेल ने बताया कि श्रमिक बच्चों को स्कूल शिक्षा विभाग के योजनाओं के माध्यम से शिक्षा दे रहे हैं और उनके प्रोग्रेस के संबंध में उनके पालक को जानकारी दे रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी के जवाब से राज्यपाल ने कहा वेरी गुड, आप अच्छा काम कर रहे हैं।
आत्महत्या को रोकने के जागरूकता और मनोविकास
राज्यपाल ने 11वीं और 12वीं कक्षा के और बहुत सारे आश्रम छात्रावास में रहने वाले बच्चों के मनोवैज्ञानिक की जांच करने के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आजकल आत्महत्या जैसे कई समाचार देखने सुनने को मिलता है। स्कूल कॉलेज आश्रम आदि के बच्चों में सुसाइड से बचने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। सभी संबंधित विभाग, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास, स्वास्थ्य विभाग सभी बच्चों का हेल्थ चेकअप कराएं। बच्चों का मनोविकास करें, उनकी जानकारी लें। यदि वे सुसाइड करने की कोशिश या अपने जीवन से दुखी है तो उसे मनोवैज्ञानिक ढंग से जीवन के प्रति उत्साह, रुचि जगाने जैसे कार्यक्रम में शामिल करें।
युवाओं को प्लंबर इलेक्ट्रीशियन जैसे रोजगार का प्रशिक्षण दें
राज्यपाल ने कहा कि यदि कोई बच्चा 10वीं, 11वी, 12वीं जैसे कक्षाओं में फेल हो जाता है तो उसे कौशल विकास के तहत प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन जैसे काम सीखना राज्य शासन और जिला प्रशासन का दायित्व है। बच्चों को यह शिक्षा दें कि हर कोई बड़े पद में शिक्षित होने के बावजूद नियुक्त नहीं हो पाते हैं। इसलिए अपने से अपने रुचि के अनुसार प्लंबर इलेक्ट्रीशियन ड्राइवर दर्जी आदि क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर काम करें। आज सभी क्षेत्रों में चाहे वह घरेलू या किसी फैक्ट्री में भी प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन आदि के रोजगार के अवसर हैं।
एनसीसी और रेडक्रॉस
राज्यपाल ने एनसीसी में स्कूली और कॉलेज के बच्चों की भागीदारी और उसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि एनसीसी से बच्चा अनुशासन सीखता है जो नियमित रूप से उसके जीवन में शामिल हो जाता है। इससे वह शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होता है। उन्होंने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि मैं एनसीसी में रहा हूं और वह बचपन के दिन मुझे आज भी याद है। अनुशासन और नियमित जीवन दिनचर्या को देखकर दूसरे लोग भी अनुशासन सीखते हैं।
छत्तीसगढ़ में टूरिज्म को बढ़ावा दें
बैठक में उपसंचालक समाज कल्याण विनय तिवारी के द्वारा सारंगढ़ राजमहल के इतिहास की जानकारी देने पर राज्यपाल ने कहा की छत्तीसगढ़ में बढ़िया स्पॉट है, पर टूरिस्ट नहीं है। हमें पूरे छत्तीसगढ़ में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए काम करना होगा। यहां के धरोहर को टूरिज्म में जोड़कर अच्छा सेटअप तैयार करना होगा।जिला प्रशासन द्वारा अपने जिले में इस प्रकार के टूरिज्म सेक्टर को डेवलप करें जिससे कम से कम पड़ोसी जिले के लोग आएंगे और रोजगार मिलेगा।
वृद्ध आश्रम में समाज की सहभागिता
राज्यपाल ने वृद्ध आश्रम के संबंध में कहा कि आप सभी अधिकारी और रेडक्रॉस की समिति के सदस्य कितनी बार वृद्ध आश्रम गए हैं। आप सभी लोग वृद्ध आश्रम में रह रहे बुजुर्ग को समाज से जोड़ने के लिए वहां दौरा करें और समाज के उदार, समाजसेवी नागरिकों को वृद्ध आश्रम में सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें। रायपुर में संचालित अपना घर बुजुर्गों के लिए सेवा का एक अच्छा उदाहरण है।
समाज कल्याण के कार्य
राज्यपाल ने भिखारी के जीवन यापन के व्यवस्था के लिए कहा कि उनकी इस प्रकार की व्यवस्था की जाए कि वह रास्ते में भीख नहीं मांगे। पागल या मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है, उन्हें शासकीय मानसिक चिकित्सालय बिलासपुर भेजने की व्यवस्था की जाए। राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के लिए जिस प्रकार कपड़ा सिलाई, स्व सहायता समूह आदि के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे ही रोजगार की उपलब्धता शहरी महिलाओं के लिए करें। राज्यपाल ने बताया कि उन्हें मुलाकात के दौरान शहरी महिलाओं ने कहा कि, हम शहरी महिलाओं को भी काम मिले, उनके लिए भी रोजगार के अवसर होनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि सभी नगरीय निकाय अपने-अपने क्षेत्र में शहरी महिलाओं को कपड़ा सिलाई कैटरिंग खाद्य, होटल, रेस्टोरेंट, बर्तन भंडार के क्षेत्र में प्रशिक्षण दें और उन्हें सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि कैटरिंग का काम मामूली नहीं है। दिल्ली और बड़े शहरों में इसके रोजगार के बहुत अवसर हैं। नवाचार में नया काम करना चाहिए। बाजार में बहुत कंपटीशन है। इसलिए सभी महिलाओं को कैटरिंग जैसे कार्यों के लिए एक निर्धारित जगह तय करना होगा, जहां वह निर्धारित समय में आकर काम करें, जिससे उनके घर परिवार और स्वयं को आर्थिक लाभ मिले।
अज्ञात जनसेवकों का प्रचार प्रसार
राज्यपाल ने जिला पंचायत सीईओ को कहा कि, बहुत सारे अज्ञात लोग लोगों की भलाई के लिए अच्छा काम कर रहे हैं, वे किसी को प्रशिक्षण दे रहे हैं या सेवा दे रहे हैं उन अज्ञात नागरिकों को मीडिया में जानकारी दें। राज्यपाल ने पानी और महिलाओं को महत्वपूर्ण बताया। लखपति दीदी और ड्रोन लखपति दीदी के संबंध में जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन को राज्यपाल ने कहा कि आप तुलसी मालाकार, जो फूल बेचकर लखपति हुई है। उनके गांव जाकर उन्हें प्रोत्साहित करें उन्होंने कहा कि पैसा, आइडिया और टेक्निकल ज्ञान से काम करना चाहिए। होली में रंग बनाने, राखी त्यौहार में राखी बनाना चाहिए। लोगों को योजना से बकरी प्रदाय की जानकारी देने पर राज्यपाल ने पशुधन विकास विभाग की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पशु पालन में भी रोजगार के अवसर हैं, ग्रामीणों को उपलब्ध कराएं। राज्यपाल ने गांजा शराब आदि तस्करी के मामले में कलेक्टर और एसपी को कहा कि वह लोगों की शिकायत पर कार्रवाई करें। राज्यपाल ने एसपी से सुसाइड की संख्या और ट्रैफिक के संबंध में जानकारी पूछा। राज्यपाल ने कहा कि आप नागरिकों में हेलमेट पहनने की आदत को बनाने के लिए उनको यातायात जागरूकता का कैंप शिविर कराएं। गांव और शहर वालों को दो-तीन दिन चेक पोस्ट बनाकर उनकी गाड़ी को जमा करें और दो-तीन दिन में उन्हें गाड़ी के कागजात लाने के लिए तथा ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए समय दें।
तेज ड्राइविंग पर रोक
राज्यपाल ने कहा कि बच्चों में तेज (रश) ड्राइविंग को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि तेज ड्राइविंग से बच्चों एवं अन्य नागरिकों की मृत्यु ना हो। राज्यपाल ने कलेक्टर से जिले की मूलभूत समस्या के बारे में पूछा। कलेक्टर धर्मेश साहू ने जानकारी देते हुए कहा कि, सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला दो जिलों के विभाजन से बना है जिसके कारण यहां पर्याप्त अधिकारी कर्मचारी नहीं है और दोनों जिले का संभाग पूर्व में अलग-अलग था जिसकी वजह से कार्य करने में असुविधा होती है। राज्यपाल ने कहा कि यह अभी यह निर्माणाधीन जिला है। सभी अच्छे से काम करिए। सिकल सेल के लिए राज्यपाल ने कहा कि लोगों को सिकल सेल के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराएं और जागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि आप अपने जिले में सिकलसेल का सर्वे में मेडिकल स्टूडेंट को शामिल करें। उन्होंने ब्रेस्ट कैंसर के सर्वे करने के लिए किसी कार्यक्रम योजना के तहत करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि मैं ग्राउंड लेवल का मैदानी आदमी हूं। मुझे देश के बारे में जानकारी है। राज्यपाल ने देश के उन्नति और विकास के लिए कहा कि हमारा देश गरीब देश नहीं है। इसमें प्रत्येक नागरिक का योगदान की जरूरत है। सभी को अपने काम में मन लगाकर काम करने से, उद्योग, कृषि एवं अन्य क्षेत्र की प्रगति से हमारा देश निरंतर आगे बढ़ेगा। सरकार की ओर से कई प्रकार के योजनाओं से जोड़कर हम, समाज, जिला, राज्य और देश की उन्नति कर सकते हैं। जैसे किसी बंजर जमीन पर मनरेगा या अन्य किसी योजना से तालाब गहरी कर वहां रोजगार के अवसर मछली पालन आदि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पानी और महिलाएं दोनों महत्वपूर्ण होते हैं। पानी और महिला का बचाव करें। राज्यपाल ने कहा कि वे बहुत सारे संस्थाओं और विद्यार्थियों को राजभवन, राज्यपाल की ओर से सहयोग किए हैं।
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