छत्तीसगढ़
सरकार की दलील खारिज, हेड कांस्टेबल के पक्ष में हाईकोर्ट का फैसला
Shantanu Roy
15 Sept 2026 6:39 PM IST

x
छग
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आबकारी विभाग के एक हेड कांस्टेबल की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे सेवानिवृत्ति के अंतिम वर्ष में गृह जिले में पदस्थ करने का आदेश दिया है। वर्तमान में रायगढ़ जिले में पदस्थ कर्मचारी ने जुलाई 2027 में होने वाली सेवानिवृत्ति का हवाला देते हुए गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग की मांग की थी। कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को आदेश की प्रति मिलने के 15 दिनों के भीतर आवश्यक पोस्टिंग आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि उनकी नियुक्ति 19 अप्रैल 1993 को आबकारी विभाग में सेल्समैन के पद पर हुई थी। बाद में उनकी सेवा नियमित की गई और उन्हें आबकारी आरक्षक बनाया गया। इसके बाद अलग-अलग जिलों में उनकी पदस्थापना होती रही। याचिका के मुताबिक वर्ष 2014 में उनका तबादला कोरबा से बिलासपुर किया गया था। इसके बाद 24 जून 2022 को बिलासपुर से रायगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया। वर्ष 2023 में पदोन्नति मिलने के बाद भी वे रायगढ़ में ही पदस्थ हैं।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट के समक्ष बताया कि वे जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। रिटायरमेंट करीब होने के कारण उन्होंने अपने गृह जिले बिलासपुर में पदस्थ किए जाने के लिए विभाग को कई बार अभ्यावेदन दिया, लेकिन उनके आवेदनों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। याचिका में एक अन्य आधार पत्नी के स्वास्थ्य को भी बनाया गया। कर्मचारी की ओर से बताया गया कि उनकी पत्नी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और उनका लगातार इलाज चल रहा है। ऐसी स्थिति में गृह जिले से दूर पदस्थ होने के कारण उन्हें व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
याचिकाकर्ता ने वर्ष 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी के क्लॉज 3.12 का लाभ दिए जाने की मांग की। दूसरी ओर राज्य सरकार ने इसका विरोध किया। सरकार की ओर से दलील दी गई कि 5 जून 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी आबकारी विभाग पर लागू नहीं होती है। सरकार के मुताबिक नीति में पुलिस, आबकारी, परिवहन, वाणिज्यिक कर और शिक्षा जैसे विभागों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। राज्य सरकार की ओर से यह तर्क भी दिया गया कि किसी कर्मचारी को अपनी पसंद के स्थान पर पदस्थापना पाने का कानूनी अधिकार नहीं होता। सामान्य तौर पर स्थानांतरण और पदस्थापना प्रशासनिक विषय हैं और विभाग की आवश्यकता के अनुसार इस पर निर्णय लिया जाता है।
हालांकि हाईकोर्ट ने मामले की परिस्थितियों और कर्मचारी की आगामी सेवानिवृत्ति को देखते हुए सरकार की दलील स्वीकार नहीं की। कोर्ट ने जुलाई 2027 में होने वाले रिटायरमेंट को ध्यान में रखते हुए याचिकाकर्ता को गृह जिले बिलासपुर में पदस्थ करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही संबंधित अधिकारी को आदेश की प्रति प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर आवश्यक पोस्टिंग आदेश जारी करने को कहा गया है। हाईकोर्ट के इस आदेश से याचिकाकर्ता हेड कांस्टेबल को राहत मिली है।
Next Story





