
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि एक जुलाई से प्रभावी नई मजदूरी दरें सभी 34 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और मजदूरी क्षेत्रों में बढ़ाई गई हैं। मंत्रालय ने बताया कि 300 रुपये प्रतिदिन की नई अंतरिम आधार मजदूरी दर तय की गई है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना के तहत अधिसूचित कोई भी मजदूरी इससे कम न हो। सरकार के अनुसार, देशभर में औसतन मजदूरी दरों में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। मंत्रालय ने कहा कि नया अधिनियम पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिन तक मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी देता है, जबकि मौजूदा ढांचे में यह सीमा 100 दिन थी। इसके अनुसार, 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में मजदूरी को बढ़ाकर 300 रुपये की नई अंतरिम आधार दर तक पहुंचाया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी। अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में लगभग 24.5 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि की गई है।
सरकार ने कहा कि संशोधित मजदूरी संरचना इस प्रकार तैयार की गई है कि जिन राज्यों में पहले मजदूरी दरें अपेक्षाकृत कम थीं, उन्हें अधिक लाभ मिले। सरकार ने कहा कि वहीं, पहले से अधिक मजदूरी वाले राज्यों में भी वृद्धि की गई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि 'कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक एक भी दिन काम से वंचित न रहे।' उन्होंने कहा, 'वीबी-जी राम-जी अधिनियम का लागू होना समृद्ध गांवों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।' उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों ने मिलकर इसके क्रियान्वयन की तैयारियां पूरी कर ली हैं।





