नाइट पार्टियों में बार बालाओं के साथ फुल इंजॉय की गारंटी

होटल में ही नहीं फार्महाऊस और आउटर के खाली पड़े बंगलों में चल रहा है कैबरा बार
सोशल मीडिया और वाट्सएप से भेजे जा रहे रसूखदारों को आमंत्रण
रायपुर । राजधानी में होटल वालों की कमाई को कोई भी नहीं रोक सकता, महानगरों की तरह तर्ज पर सुविधा मुहैया करवा करवाने के नाम पर भारी भरकम कमाई कर रहे है। होटल औऱ फार्म हाउस वाले अपने राजनीतिक रसूख के जरिए कोई न कोई इवेंट के बहाने शुक्र, शनि, रविवार को खनकती चूडिय़ों और झनकती पायलों की झनकार से गूंजने लगे है। इवेंट के नाम पर गुले-गुलजार हो रहे होटलों में हाऊसफुल भीड़ देखा जा सकता है। बार बालाओं के हाथों से जाम गटकने की इस नई संस्कृति ने राजधानी के युवाओ्ं को पूरी तरह अपने आगोश में जकड़ लिया है। होटल वाले कमाई के लिए लिए कुछ भी करने को तैयार है। डांस प्रमोशन पार्टी के नाम पर इवेंट आयोजक औऱ होटलों में शनिवार और रविवार को स्पेशल ट्रिप पार्टी दे रहे है। जहां पर गोवा, केरल, महाराष्ट्र और अन्य कई राज्यों की लड़कियों को अर्धनग्न कपड़ों में अपने हुस्न का प्रदर्शन कर रही है। शनिवार और रविवार को पार्टी में आयोजक कस्टमर सर्विस के नियम कायदे को ताक में रखकर प्रशासन की आंखों के सामने खुलकर अपने चाहने वालों को लुत्फ उठाने का मौका दे रहे है। नशा पार्टी और डांस पार्टी के लिए सख्त नियम होने के बाद भी होटल वाले कोई न कोई रास्ता निकाल कर होटलों को कैबरा क्लब बना दिया है।
नाइट क्लब और डॉन्स पार्टी के लिए अमूमन अन्य बड़े शहरो में नियम कायदे हैं मजे की बात यह है कि छत्तीसगढ़ में नशा और डांस पार्टी और नाईट क्लब के लिए कोई कानून नहीं होने से पुलिस बेबस हमेशा नजर आती है। बड़े होटलों में हर शनिवार और रविवार को नशा पार्टी का आयोजन हो रहा है। पुलिस को सब जानकारी होने के बाद भी होटल वाले और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण मौन होकर तमासा देख रही है। होटल मालिकों के रसूख के सामने किसी की नहीं चलती । इसी वजह से खुलेआम बार बालाओं को नचाया जा रहा है और नशा परोस कर जमकर कमाई कर रहे है। राजधानी और उसके आसपास के बिगड़े नवाबों को आकर्षक पैकेज का लालच देकर होटल, क्लब और बार वाले भीड़ को अपने ओर खींच रहे हैं।
फार्म हाउसों में शनिवार और रविवार को डांस पार्टी के आयोजन मे पहुंचे रहे युवाओं को नशा परोसा जाता है। देखा गया है कि महानगरों की तर्ज पर शहर में हो रहे डांस पार्टी नियम कायदे को ताक में रखकर आयोजित हो रहे है। समय का कोई बंधन नहीं है। जब तक मर्जी हो देर रात से सुबह तक हलक गीला करते रहो। प्रशासन की कानूनी धाराओं के लचीलेपन का फायदा होटल, क्लब और बार वाले उठा रहे हैं। सरकार को चाहिए युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए पुलिस को सख्ती से निपटने का आदेश भी देना चाहिए। देखने में आया है कि राजधानी में कुछ दिन निजात अभियान चला और नशे के आगे बेजार साबित हो गया। बड़े पुलिस अधिकारी भी होटल वालों के रसूख को देखकर कार्रवाई करने में हाथ पीछे खींच लेते है। देखने में आया है कि निजात अभियान के बावजूद नशे का कारोबार रुका नहीं ।
आखिर किसका संरक्षण ...
आखिर इन नशे के परोसगारों को किसका संरक्षण मिल रहा है। पूर्व की कांग्रेस सरकार में छुटभैये नेताओं ने अवैध गांजा बेचने वालों का खुलकर साथ दिया। क्या अभी भी उन छुटभैये नेताओं का दखल है इस पर कड़ी निगरानी रखने की जरुरत है। ये युवाओं को बर्बाद करने पर तुले है पुलिस थाने, शासकीय दफ्तरों या अन्य निजी संस्थानों के दफ्तरों के अलाव प्रमुख बैंकों के आसपास पान ठेलो में भी आसानी से गांजा भऱा सिगरेट मिल जाता है, पुलिस टीम द्वारा शराब, गाँजा और अन्य नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री करने वाले कोचियों पर कार्रवाई तो कर रही है लेकिन बड़ी मछलियों को पकडऩे मे हाथ कांप रहे है।





