छत्तीसगढ़

5 लाख के निवेश कराकर की धोखाधड़ी, FIR दर्ज

Shantanu Roy
27 Jun 2026 9:18 PM IST
5 लाख के निवेश कराकर की धोखाधड़ी, FIR दर्ज
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छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में कथित निवेश और रकम दोगुनी करने के नाम पर 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एक उप पुलिस अधीक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें एक व्यक्ति और उसके साथियों पर अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर स्थित विजेता कॉम्प्लेक्स के निवासी हैं और वर्तमान में पुलिस मुख्यालय रायपुर में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पहचान नरेश दमोहे से पिछले लगभग दो वर्षों से है, जो स्वयं को वकील और फाइनेंस से जुड़े कार्य करने वाला बताता था।
शिकायत के अनुसार, 25 जून 2026 को दोपहर लगभग 3:30 बजे नरेश दमोहे ने उन्हें कमल विहार स्थित श्री वेंकट हॉस्पिटल के सामने बुलाया और दावा किया कि वह उनके 5 लाख रुपये को दोगुना कर बैंक खाते में वापस कर देगा। इसी भरोसे में शिकायतकर्ता ने 5 लाख रुपये नकद अपने साथ ले जाने की बात कही। इसके बाद आरोप है कि अलग-अलग स्थानों पर उन्हें घुमाया गया और बाद में रात करीब 9 बजे नेताजी चौक कटोरा तालाब बुलाया गया। वहां से उन्हें कार में बैठाकर इलेवन गार्डन क्षेत्र ले जाया गया, जहां कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, वहां कुछ व्यक्तियों के बीच विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे वह डर गए।
शिकायत में कहा गया है कि डर के कारण वह कुछ दूरी पर चले गए और जब वापस आकर वाहन और सूटकेस की जांच की तो कार में रखा 5 लाख रुपये नकद गायब था। उनके अनुसार, कार में रखा मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य सामान तो वहीं मिला, लेकिन नकदी नहीं थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नरेश दमोहे और उसके साथियों ने साजिश के तहत उनसे रकम ली और बाद में उसे गबन कर लिया। यह पूरा मामला अमानत में खयानत और धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब संबंधित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों की पहचान और उनकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामला आर्थिक लेन-देन और कथित निवेश योजना से जुड़ा प्रतीत होता है, जिसमें भरोसा दिलाकर नकद राशि ली गई और बाद में उसे वापस नहीं किया गया। पुलिस ने बताया कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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