छत्तीसगढ़

पिथौरा के चार नन्हे विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन में मनाया रक्षाबंधन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से बंधवाई राखी

Shantanu Roy
28 Aug 2026 7:42 PM IST
पिथौरा के चार नन्हे विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन में मनाया रक्षाबंधन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से बंधवाई राखी
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Pithora. पिथौरा। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के पिथौरा की माटी से देश की राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन तक पहुंचकर चार नन्हे विद्यार्थियों ने रक्षाबंधन का पर्व मनाया। यह अवसर विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके परिवार, विद्यालय और पूरे पिथौरा नगर के लिए गौरव का क्षण बन गया। पिथौरा स्थित रामदर्शन पब्लिक स्कूल के चार विद्यार्थियों को राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सानिध्य में रक्षाबंधन मनाने का अवसर मिला। विद्यालय के विद्यार्थी आदित्य शर्मा, नितेश साहू, पुष्पराज ध्रुव और जयश बरिहा राष्ट्रपति भवन पहुंचे। इस दौरान विद्यालय के प्रिंसिपल जोगिंद्र मेहर भी मौजूद रहे। देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान के भव्य परिसर में बच्चों की मौजूदगी और राष्ट्रपति के साथ रक्षाबंधन मनाने का अवसर उनके लिए बेहद खास और यादगार रहा।

राष्ट्रपति से मिला आत्मीय स्नेह
रक्षाबंधन के इस विशेष अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बच्चों के साथ आत्मीयता से बातचीत की। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने बच्चों से पूछा कि वे कहां से आए हैं। बच्चों ने गर्व के साथ एक स्वर में जवाब दिया—“छत्तीसगढ़।” बच्चों के इस जवाब पर राष्ट्रपति की आत्मीय मुस्कान ने माहौल को और खास बना दिया। इस दौरान उनके द्वारा कही गई पंक्ति “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” ने बच्चों और वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर खुशी ला दी। बच्चों के लिए राष्ट्रपति के साथ बिताया यह पल उनके जीवन की ऐसी स्मृति बन गया, जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे।

पिथौरा और छत्तीसगढ़ का बढ़ाया मान
रामदर्शन पब्लिक स्कूल प्रबंधन के अनुसार, विद्यालय को पिथौरा में शुरू हुए अभी करीब चार वर्ष ही हुए हैं। इतने कम समय में विद्यालय के विद्यार्थियों को राष्ट्रपति भवन जैसे राष्ट्रीय महत्व के स्थान पर रक्षाबंधन मनाने का अवसर मिलना विद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि है। चार विद्यार्थियों की यह उपलब्धि केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे पिथौरा नगर और पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है। छोटे से शहर से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान तक पहुंचने वाले इन बच्चों की कहानी क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।

बच्चों के लिए जीवनभर की याद
राष्ट्रपति भवन में रक्षाबंधन मनाने का अवसर बच्चों के लिए किसी सपने के सच होने जैसा रहा। सामान्य तौर पर राष्ट्रपति भवन को देश की संवैधानिक व्यवस्था और गरिमा से जुड़े महत्वपूर्ण स्थान के रूप में देखा जाता है। ऐसे स्थान पर पहुंचकर राष्ट्रपति से मिलने और उनके सानिध्य में रक्षाबंधन मनाने का अनुभव इन बच्चों के लिए बेहद विशेष रहा। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस उपलब्धि से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें भविष्य में बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी। बच्चों की इस यात्रा ने यह भी साबित किया कि छोटे शहरों और कस्बों से आने वाली प्रतिभाओं को उचित अवसर मिले तो वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
पिथौरा से राष्ट्रपति भवन तक इन चार विद्यार्थियों की यात्रा क्षेत्र के लिए गौरव के साथ-साथ प्रेरणा का संदेश भी लेकर आई है। रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक और भावनात्मक पर्व पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ बच्चों का यह विशेष मिलन उनके जीवन की अमूल्य स्मृति बन गया। पिथौरा के इन नन्हे विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन में पहुंचकर न केवल अपने विद्यालय का नाम रोशन किया, बल्कि अपने शहर और प्रदेश को भी गौरवान्वित किया। बच्चों और उनके विद्यालय के लिए यह उपलब्धि लंबे समय तक याद की जाएगी। पिथौरा की माटी से राष्ट्रपति भवन तक पहुंची यह यात्रा सचमुच सपनों, प्रतिभा और अवसर के सुंदर संगम की कहानी बन गई है।
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